ओडिशा में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय-सीमा में बड़ा बदलाव किया है. चुनाव आयोग ने प्रभावित लोगों को राहत देते हुए दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया है. इस बदलाव के बाद अब फाइनल वोटर लिस्ट 21 सितंबर को जारी की जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दावों और आपत्तियों को दाखिल करने की आखिरी तारीथ को 4 अगस्त से बढ़ाकर 19 अगस्त कर दिया गया है. इसके चलते, आवेदनों की जांच, नोटिस जारी करने, सुनवाई और दावों के निस्तारण की अवधि को भी आगे बढ़ा दिया गया है.
पहले इसके लिए 2 सितंबर की समय-सीमा तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 17 सितंबर कर दिया गया है. हालांकि, इस पुनरीक्षण अभियान के लिए अर्हता तिथि 1 जुलाई 2026 ही रहेगी.
19 जिलों में बिगड़े हालात, राहत कार्य में जुटी मशीनरी
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एस. गोपालन ने बताया कि राज्य के 30 में से लगभग 19 जिले इस समय बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. BLO और बाकी कर्मचारी राहत और पुनर्वास कार्यों में लगे हुए हैं. पूरी प्रशासनिक मशीनरी के बाढ़ राहत में व्यस्त होने के कारण ही चुनाव आयोग ने समय-सीमा बढ़ाने का फैसला लिया है.
बता दें कि 30 मई से 28 जून के बीच घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के बाद 5 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें से लगभग 20.14 लाख मतदाताओं के नाम बाहर हो गए थे.
BJD ने फैसले का किया स्वागत
विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) ने निर्वाचन आयोग के इस कदम की तारीफ की. पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा कि ये फैसला लाखों योग्य मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगा और ये तय करेगा कि कोई भी नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे.
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इससे पहले, वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में BJD के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर समय-सीमा को कम से कम 30 दिन बढ़ाने की मांग की थी. पार्टी का तर्क था कि जिन मतदाताओं के नामों में सुधार या जुड़ाव होना है, उनकी बड़ी संख्या को देखते हुए पुराना शेड्यूल अपर्याप्त था.