जम्मू कश्मीर में फिर एक बार कश्मीरी पंडितों को धमकी भरा पत्र मिलने का मामला सामने आया है. अगस्त के पहले हफ्ते के बाद अब फिर एक बार धमकी भरा पत्र जारी किया गया. इन पत्रों में कथित तौर पर कुछ लोगों का पता, गाड़ियों के नंबर और फोन नंबर तक दिए गए हैं.
नई धमकियों को लेकर 'ऑल PM पैकेज एम्पलॉइज़ फोरम कश्मीर' की ओर से जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है. इस पत्र में PM पैकेज कर्मचारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
जम्मू में तैनात एक कश्मीरी पंडित कर्मचारी ने इन धमकियों पर कहा कि बार-बार ऐसे धमकी भरे पत्र जारी करके डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से इन पत्रों के सोर्स का पता लगाने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि एजेंसियों को जांच करनी चाहिए कि धमकी देने वालों तक निजी जानकारी कैसे पहुंच रही है.
उन्होंने कहा, "इस बार हम न तो डरेंगे और न ही भागेंगे. कश्मीर हमारा भी है. यह हमारी जन्मभूमि है."
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बता दें, जम्मू कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने वंधामा नरसंहार और जाने-माने कश्मीरी पंडित टीका लाल टपलू की हत्या के मामलों में जांच शुरू कर दी है. सरला भट और सर्वानंद कौल के मामलों के बाद अब एजेंसी इन मामलों की जांच करने वाली है.
वंधामा नरसंहार और टीका टपलू की हत्या के मामलों में SIA ने फाइलें खोलने शुरू कर दी हैं. इतना ही नहीं, सूत्रों के मुताबिक, SIA ने जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या की भी जांच तेज कर दी है. जस्टिस नीलकंठ गंजू वह जज थे जिन्होंने JKLF आतंकी मकबूल भट को मौत की सजा सुनाई थी. जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या JKLF के आतंकियों ने की थी. बताया जाता है कि वे आतंकियों की हिटलिस्ट में थे. आतंकियों ने उनके घर में बम फेंका था.