ओडिशा के पुरी जिले में स्थित चिलिका झील इलाके में 15 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कृष्णप्रसाद थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के सिलसिले में 48 घंटे के भीतर 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी खुर्दा जिले के चंद्रपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. मुख्य आरोपी गणेश दास को भी पुलिस ने पकड़ लिया है.
पुलिस के अनुसार, कृष्णप्रसाद थाने में केस नंबर 212/2026 दर्ज किया गया था. शुरुआत में मामला अपहरण और हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज हुआ था. जांच आगे बढ़ने के बाद इसे डकैती और हत्या के मामले में तब्दील कर दिया गया. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.
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दरअसल, वारदात 10 अगस्त की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, चंद्रपुर गांव से कुछ लोग कृष्णप्रसाद थाना क्षेत्र के कुमारपुर गांव के पास मछली पकड़ने वाले इलाके में पहुंचे थे. आशंका है कि वे कथित तौर पर झींगा चोरी करने के इरादे से वहां गए थे और उनके पास घातक हथियार भी थे.
झींगा चोरी के शक में हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों का सामना शिकायतकर्ता चिन्मय बेहरा, उसके भाई और कुमारपुर निवासी 15 वर्षीय ओम शिकारी से हुआ. दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर मारपीट शुरू हो गई. चिन्मय बेहरा और उनके भाई किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे, लेकिन ओम शिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया.
गंभीर चोटों के कारण किशोर ने बाद में दम तोड़ दिया. पुलिस ने घटना के करीब 20 घंटे बाद उसका शव बरामद किया. शव मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पुलिस ने वारदात में शामिल लोगों की पहचान के लिए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया.
घटना के बाद पुलिस ने रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था. कृष्णप्रसाद से लेकर बालूगांव तक अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई. शव बरामद होने के बाद जांच और तेज कर दी गई.पुलिस की कई टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर संदिग्धों की तलाश शुरू की.
तीन जिलों में पुलिस की छापेमारी
पुरी एसपी प्रतीक सिंह के निर्देश पर कृष्णप्रसाद थाने की कई टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया. पुरी सदर SDPO और कृष्णप्रसाद IIC के नेतृत्व में टीमों ने पुरी, गंजाम और खुर्दा जिलों में कई जगह छापेमारी की. लगातार तलाशी और पूछताछ के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर 18 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अब पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का मुख्य फोकस घटना के दौरान हर आरोपी की भूमिका पता करने, विवाद की वास्तविक वजह समझने और हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने पर है. जांचकर्ता यह भी पता कर रहे हैं कि वारदात में इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं.
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन नाव और एक लकड़ी का पटरा बरामद किया है. पुलिस के अनुसार, नावों का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध झींगा मछली पकड़ने या झींगा चोरी के लिए किया जाता था. वहीं लकड़ी के पटरे के बारे में आशंका है कि हमले के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया था.
फॉरेंसिक और मेडिकल सबूत जुटा रही पुलिस
पुलिस ने बताया कि मामले में फॉरेंसिक और मेडिकल साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं. इन सबूतों के जरिए घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस गिरफ्तार लोगों को आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी में है.
पूछताछ के दौरान हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने पर जोर रहेगा. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच पूरी होने के बाद घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं.
चिलिका में अवैध झींगा कारोबार पर निगरानी बढ़ी
घटना के बाद चिलिका झील के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. अवैध झींगा मछली पकड़ने और इससे जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सर्विलांस तेज किया गया है. पुलिस का कहना है कि इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
फिलहाल, 18 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है. मुख्य आरोपी बताए जा रहे गणेश दास समेत सभी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश, वारदात का मकसद और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सके.