उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने और सड़क चौड़ीकरण को लेकर 27-28 सितंबर को विवाद हुआ था. मस्जिद का एक हिस्सा हटाए जाने के विरोध में जुटी भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पथराव की घटना भी सामने आई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया था.
अब इसी मामले में पुलिस जिन आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, वहां आजतक ने उनसे सीधे सवाल किए. पुलिस आरोपी तैयब मंसूरी, सलमान, कासिम, शेख आसिफ, साहिल, साबिर शेख, अल्पेश और समीर को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी.
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आरोपियों से आजतक ने पूछे सीधे सवाल
आरोपियों से पूछा गया कि उस दिन आखिर क्या हुआ था? पथराव क्यों हुआ और उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर उनका क्या कहना है? हालांकि, अस्पताल के बाहर किसी भी आरोपी ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया. कैमरे के सामने सभी आरोपी खामोश नजर आए.
पूरा विवाद सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से जुड़ा था. उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना थी. इस तय सीमा में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा भी आ रहा था.
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मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने का भीड़ ने इकट्ठा होकर विरोध किया. मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पुलिस के मुताबिक, पथराव के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए.
अफवाहों और AI वीडियो की भी जांच
पुलिस का कहना है कि मस्जिद को पूरी तरह गिराए जाने के फर्जी AI वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे. पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो के कारण भीड़ जुटी और तनाव बढ़ा. मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का फोकस पथराव में शामिल लोगों की भूमिका के साथ-साथ अफवाह फैलाने वालों तक पहुंचने पर भी है.