उज्जैन (Ujjain) भारत के राज्य मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का एक जिला है. यह जिला का प्रशासनिक केंद्र भी है. जनसंख्या के हिसाब से यह मध्य प्रदेश का पांचवां सबसे बड़ा शहर है. हर 12 साल में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के लिए प्रसिद्ध सप्त पुरी के हिंदू तीर्थस्थलों में से एक है. भारत के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन में ही है जो शहर के मध्य में स्थित है (Mahakaleshwar Jyotirlinga, Ujjain). इसका क्षेत्रफल 6,091 वर्ग किलोमीटर है (Ujjain Area). उज्जैन जिले में 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Ujjain Assembly constituency)
चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में, मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त ने अवंती को अपने साम्राज्य में मिला लिया. उनके पोते अशोक के शिलालेखों में मौर्य साम्राज्य के चार प्रांतों का उल्लेख है, जिनमें से उज्जैन पश्चिमी प्रांत की राजधानी थी. अपने पिता बिंदुसार के शासनकाल के दौरान, अशोक ने उज्जैन के वायसराय के रूप में कार्य किया था (History of Ujjain).
उज्जैन एक प्रचीन शहर जो शिप्रा नदी (Shipra River Ujjain) के पूर्वी तट पर स्थित है. यह लगभग 600 ईसा पूर्व मध्य भारत के राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरा. यह प्राचीन अवंती साम्राज्य (Avanti kingdom) की राजधानी थी, जो सोलह महाजनपदों में से एक थी.
यह 19वीं शताब्दी की शुरुआत तक मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, वाणिज्यिक और सांस्कृतिक केंद्र बना रहा (Political, Commercial and Cultural centre, Ujjain).
उज्जैन शैवों, वैष्णवों और शाक्त के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल रहा है. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उज्जैन में सालोभर श्रद्धालुओं का अवागमन लगा रहता है (Ujjain Pilgrimage).
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों ने इस प्रतिमा को देशभर में चर्चा में ला दिया है. शुक्रवार को मंदिर पहुंचने पर दिल्ली, महाराष्ट्र, उड़ीसा और बिहार से आए श्रद्धालु कतार में मिले. प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कोशिश के दावों को भ्रामक बताया है. वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा.
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बीच देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कोशिश के दावों को भ्रामक बताया है. वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही प्रतिमा को लेकर आगे कोई फैसला होगा. वीडियो में जानें क्या है मामला.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के तमाम कोशिशें फेल हो चुकी हैं. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन भी अब बैकफुट पर है. इधर मंदिर तोड़े जाने के बाद भारी तादाद में लोग खड़े हनुमान जी के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. उज्जैन में हनुमान मंदिर के विस्थापन का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है. हनुमान जी की मूर्ति अपनी जगह से क्यों नहीं हिल रही है. इस रहस्य को सुलझाने के लिए अब एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और दूसरी तरफ इस मंदिर को बचाने के लिए एक आंदोलन भी खड़ा हो गया है.
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में विराजमान बजरंगबली को नए मंदिर में स्थापित करने की तैयारी हो चुकी है, लेकिन प्रतिमा अब तक अपनी जगह से नहीं हटी. नए मंदिर में हनुमान जी उत्तरमुखी हो जाएंगे, जबकि अभी उनका मुख दक्षिण दिशा में है. श्रद्धालुओं का कहना है कि शायद इसी वजह से बजरंगबली नाराज हैं और अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं. भक्त प्रशासन से मंदिर यहीं रखने की मांग कर रहे हैं.
उज्जैन में हनुमान मंदिर के विस्थापन का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है... हनुमान जी की मूर्ति अपनी जगह से क्यों नहीं हिल रही है.. इस रहस्य को सुलझाने के लिए अब एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.. और दूसरी तरफ इस मंदिर को बचाने के लिए एक आंदोलन भी खड़ा हो गया है... उधर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मौजूदा CM मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर इस मंदिर को नहीं हटाने की मांग की है. देखें...
उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर पहुंच गए हैं. मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं. मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग की गई है.
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के पास कुछ लंगूर पहुंचने से श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित हुआ है. प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच पिछले चार दिनों में 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने की बात सामने आई है. मंदिर के आसपास पुलिस और बैरिकेडिंग की गई है.
प्रयागराज कुंभ से वायरल हुईं हर्षा रिछारिया उज्जैन पहुंचीं. यहां उन्होंने खड़े हनुमान जी के दर्शन किए. इसके बाद आजतक से बातचीत में उन्होंने अपनी बात रखी. हर्षा ने कहा कि अगर खड़े हनुमान की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई तो वह अनशन करेंगी. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ने विकास और सड़क चौड़ीकरण के लिए पहले भी कई मंदिरों को जगह देने की बात स्वीकार की है. अब कम से कम इस मंदिर को तो प्रशासन छोड़ दे.
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच खड़े हनुमान की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी. टंकी चौक पर मंदिर का ढांचा तैयार है और जन्माष्टमी पर स्थापना की तैयारी भी थी, लेकिन प्रतिमा अब तक अपनी पुरानी जगह पर ही है. मौजूदा प्रतिमा दक्षिणमुखी है, जबकि नई जगह पर उसका मुख उत्तरमुखी होने की बात सामने आई है, जिसे लेकर भक्त विरोध कर रहे हैं.
उज्जैन के खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की असफल कोशिश के बीच अब नया सवाल इनकी प्राचीनता पर उठ रहा है. शुरुआती अनुमान में प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी होने की संभावना जताई गई है. वैज्ञानिक जांच के बाद अब इतिहासकार इसकी उम्र, शिल्प शैली और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की पड़ताल करेंगे. करीब 170 साल पुराने मंदिर में विराजमान प्रतिमा की असली उम्र तलाशने की कोशिश है. वहीं खड़े हनुमान जी के दर्शन को आसपास के प्रदेशों से भी भक्त् पहुंच रहे हैं.
Ujjain Hanuman Temple News: उज्जैन के खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की कोशिशों और उसके अपनी जगह से नहीं हिलने को लेकर चर्चा तेज है. श्रद्धालु इसे बजरंगबली का दैवीय चमत्कार बता रहे हैं. इसी बीच प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को हटाने या विस्थापित करने का कोई प्रयास ही नहीं किया गया.
आज विशेष में बात करेंगे.. उज्जैन की.. जहां आस्था और विकास आमने सामने हो गए हैं.. उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ कुंभ होना है.. जिसके लिए वहां शहर की सड़कें चौड़ी की जा रही हैं... एक प्राचीन हनुमान मंदिर भी हटाया जाना था... मंदिर का भवन तो तोड़ दिया गया.. लेकिन जब मूर्ति को हटाने की बारी आई तो मामला अटक गया.. क्योंकि ये तय हुआ था कि मूर्ति को यहां से उठाकर दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा.. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन इस प्रतिमा को हटा नहीं पाया. देखें...
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से पहले सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर का भवन तोड़ दिया गया, लेकिन हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश विवाद में बदल गई. हिंदू संगठनों का दावा है कि JCB और ग्रिल मशीन से प्रयास के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली और मशीनों को नुकसान पहुंचा.
उज्जैन में खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने में बड़े से बड़े इंजीनियर और टेक्नोलॉजी फेल हो गई है. दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसकी जद में आए करीब 170 साल पुराने हनुमान मंदिर का भवन तोड़ दिया गया, लेकिन प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हुई. तकनीकी विशेषज्ञ भी प्रतिमा को नहीं हिला सके.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ से पहले सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इस अभियान के रास्ते में एक हनुमान मंदिर आ गया. सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर तो टूट गया लेकिन प्रशासन बजरंग बली की मूर्ति को टस से मस भी नहीं कर पाया। देखें वीडियो.
उज्जैन में सिंहस्थ 2026 से पहले सड़क चौड़ीकरण को लेकर हनुमान प्रतिमा का मुद्दा गरमा गया है...सड़क चौड़ी करने के लिए मंदिर तोड़ दिया गया है, लेकिन प्रतिमा को हटाने की कोशिश का श्रद्धालु विरोध कर रहे हैं...मंगलवार शाम यहां महाआरती हुई और सैकड़ों लोगों ने प्रतिमा को अपनी जगह से न हटाने की मांग की.
Ujjain Khade Hanuman Temple Controversy: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान 170 साल पुरानी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा 2 दिन बाद भी नहीं हिली. हिंदू संगठनों ने की महाआरती, अब होगी स्कैनिंग...
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए 170 साल पुरानी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की कोशिश दो दिन बाद भी सफल नहीं हुई. अब पुरातत्व विशेषज्ञ प्रतिमा के आधार और आसपास की मिट्टी की स्कैनिंग करेंगे. वीडियो में जानें इस पूरी घटना को लेकर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स.
दो दिन, कई प्रयास…विज्ञान बेबस, क्रेनें फेल! हनुमान जी की मूर्ति नहीं हिला पाया प्रशासन उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है
उज्जैन में जलती चिता पर शव के साथ कथित अमानवीय हरकत करने के मामले में अघोरी काली को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब पुलिस की जांच में उसकी असली पहचान भी सामने आ गई है. जिसने सबको हैरान कर दिया. पढ़ें पूरी कहानी.
Best Tourist Places in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां हर तरह के यात्रियों के लिए कुछ न कुछ खास है. धार्मिक यात्रा हो, वाइल्डलाइफ सफारी, ऐतिहासिक धरोहरों की सैर या प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेना हो, यहां हर सफर यादगार बन जाता है.