scorecardresearch
 

आगे लाल झंडी लेकर चलता रहा रेलकर्मी, पीछे पानी चीरती चलती रही ट्रेन... पटरियों पर चढ़ा 3 फीट पानी

Satna Railway News: सतना-मानिकपुर रेलखंड पर डोडा डैम टूटने से पटरियां डूबीं. लाल झंडी लेकर पानी में उतरे रेलकर्मी, 48 ट्रेनें प्रभावित, सीपीआरओ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुष्टि की...

Advertisement
X
चित्रकूट-मानिकपुर में डोडा डैम टूटने से बाढ़ जैसे हालात.(Photo:Screengrab)
चित्रकूट-मानिकपुर में डोडा डैम टूटने से बाढ़ जैसे हालात.(Photo:Screengrab)

मध्यप्रदेश के सतना-चित्रकूट इलाके में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसी बीच मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होकर टूटने से अचानक मानिकपुर और चित्रकूट इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. इसके चलते सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गया.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तरफ यात्री ट्रेन और दूसरी तरफ मालगाड़ी खड़ी नजर आ रही है. ट्रैक के आसपास घुटनों से ऊपर लगभग तीन फीट तक पानी बहता दिखाई दे रहा है. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर पटरियां दिखना पूरी तरह बंद हो गईं.

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों और लाइनमैन ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक की स्थिति को परखा. रेलकर्मी हाथ में लाल झंडी लेकर घुटनों से ऊपर उफनते पानी में उतरे और धीरे-धीरे आगे बढ़े. लाल झंडी दिखाते कर्मचारी के पीछे-पीछे ट्रेन पानी को चीरती हुई बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती नजर आई. देखें VIDEO:- 

रेलवे ने प्रोटोकॉल के तहत रोकी गाड़ियां, 48 ट्रेनें प्रभावित

घटना और रेल यातायात पर पड़े असर की जानकारी देते हुए जबलपुर डिवीजन की CPRO मधु वर्मा ने बताया, पिछले 3-4 दिनों से लगातार बारिश हो रही थी और बीती रात भी काफी तेज बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं. सुबह लगभग 6:30 बजे ट्रैक पर पानी भरने की स्थिति बनी. चितहरा और मझगवां के पास रेल ट्रैक के ऊपर पानी आ गया था. रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए हमारी पेट्रोलिंग टीम, की-मैन और सुपरवाइजर्स ने ट्रैक की सघन जांच की. जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को सुरक्षित रवाना किया गया. 

Advertisement

CPRO ने आगे बताया कि इस चेकिंग और सुरक्षा प्रक्रिया के कारण लगभग 28 यात्री ट्रेनों और 20 मालगाड़ियों के संचालन में विलंब (डिले) हुआ है. राहत की बात यह है कि लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन को निरस्त नहीं किया गया, केवल सतना से मानिकपुर के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) ट्रेन को ही रद्द किया गया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement