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मुरैना में एक ही परिवार के 6 लोगों को भूना गया था गोलियों से... पहचान छिपाकर गुरुग्राम में जिंदगी काट रहा था शातिर, गुजरात क्राइम ब्रांच ने दबोचा

Morena Lepa Massacre Update: मध्य प्रदेश के चर्चित लेपा हत्याकांड का 30 हजार का इनामी आरोपी रामुसिंह तोमर गुरुग्राम से गिरफ्तार. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने वेयरहाउस से दबोचा. 2013 की रंजिश में एक ही परिवार के 6 लोगों की हुई थी हत्या. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

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मुरैना जिले के लेपा गांव में 5 मई 2023 को हुआ था खूनी कांड.(File Photo)
मुरैना जिले के लेपा गांव में 5 मई 2023 को हुआ था खूनी कांड.(File Photo)

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और दहला देने वाले लेपा हत्याकांड में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है. हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा 30 हजार रुपये का इनामी आरोपी रामू सिंह तोमर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम से धर दबोचा है. एक ही परिवार के छह सदस्यों की निर्मम हत्या के इस मामले में आरोपी वर्षों से अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था.

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सटीक इनपुट मिला था कि लेपा हत्याकांड का फरार इनामी आरोपी गुरुग्राम के गोपालपुर GIDC इलाके में स्थित एक वेयरहाउस में काम कर रहा है. सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम में गढ़ी-हरसरू रोड के पास निगरानी बढ़ाई और घेराबंदी कर रामुसिंह तोमर को दबोच लिया.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजयन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार अपनी पहचान बदल-बदलकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में छिपता रहा.

कभी सिक्योरिटी गार्ड तो कभी छिटपुट मजदूरी करके वह अपना गुजारा कर रहा था और पिछले एक साल से गुरुग्राम के एक वेयरहाउस में छिपा हुआ था. गिरफ्तारी के बाद अब उसे मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया पुलिस स्टेशन को सौंपने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है.

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क्या था पूरा लेपा हत्याकांड? 

इस सनसनीखेज खूनी संघर्ष की जड़ें साल 2013 के एक भूमि विवाद से जुड़ी हैं. मुरैना जिले के लेपा गांव में दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जिसके दौरान वर्तमान आरोपी रामू सिंह तोमर के चाचा और बड़े चाचा की हत्या कर दी गई थी. इस पुरानी घटना ने दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी की आग को और सुलगता कर दिया.

इसके बाद 5 मई 2023 को रणजीतसिंह तोमर के परिवार में एक बेटी की शादी का माहौल था और सभी परिजन गांव में एकत्रित हुए थे. इसी दौरान पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए हमलावरों ने ताबड़तोड़ बंदूकों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. इस अमानवीय हमले में एक ही परिवार के छह सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनमें तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं.

यह भी पढ़ें: मुरैना शूटआउट के मुख्य आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, एक आरोपी के पैर में लगी गोली

इस सामूहिक हत्याकांड के बाद सिहोनिया थाने में 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी का गठन किया था और रामू सिंह तोमर पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

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पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रामू सिंह की गिरफ्तारी से इस हाई-प्रोफाइल केस में अन्य फरार आरोपियों और साजिश के कई अहम राज सामने आ सकते हैं.

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