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'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नाकाम हुए भारत को अस्थिर करने के विदेशी मंसूबे', कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान

इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तीखे बोल सुनाई दिए. उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी हिंसा फैलाना चाहती थीं. BJP के सीनियर लीडर ने दावा किया कि प्रधान पहले दिन ही इस्तीफा देना चाहते थे.

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इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ.(File Photo:ITG)
इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ.(File Photo:ITG)

मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है. शनिवार देर रात इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने से उन 'विदेशी ताकतों' की कोशिशें पूरी तरह नाकाम हो गई हैं, जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तर्ज पर भारत में हिंसा फैलाकर देश को अस्थिर करना चाहती थीं.

धर्मेंद्र  प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दिया, जिसके बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अपना 36 दिन का आंदोलन वापस ले लिया. इस आंदोलन ने परीक्षाओं में गड़बड़ी और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर लाखों लोगों को एकजुट किया था.

बीजेपी के पूर्व महासचिव विजयवर्गीय ने कहा, "प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह हिंसा फैलाकर भारत को अस्थिर करना चाहती थीं. मैं प्रधान को उनके इस कदम के लिए बधाई देता हूं. प्रधान ने हर जिम्मेदारी ईमानदारी और लगन से निभाई.''

'पहले ही दिन इस्तीफा देने को तैयार थे धर्मेंद्र प्रधान'

BJP के सीनियर लीडर ने कहा, "पहले ही दिन, जैसे ही छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ, प्रधान ने बीजेपी अध्यक्ष से कहा था कि अगर उन्हें जरूरी लगे, तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं."

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बीजेपी नेता ने बताया कि तब पार्टी अध्यक्ष ने प्रधान से इस्तीफा न देने को कहा और कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए जब तक कोई फैसला न हो जाए, उन्हें न तो इस्तीफा देना चाहिए और न ही किसी से इस बारे में चर्चा करनी चाहिए.

विजयवर्गीय ने आगे कहा कि बाद में, जब हालात बदले और पार्टी ने फासला किया कि प्रधान को पद छोड़ देना चाहिए, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया.

'पड़ोसी के घर बच्चे के जन्म पर ढोल बजा रही कांग्रेस'

प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के जश्न मनाने पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने एक हिंदी कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी 'पड़ोसी के घर बच्चे के जन्म पर ढोल-नगाड़े बजा रही है.'

कैलाश ने दावा किया, "छात्रों के आंदोलन में कांग्रेस की क्या भूमिका थी? आंदोलन छात्रों ने शुरू किया था और कांग्रेस बस उनके पीछे खड़ी थी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष पूरी तरह से हताश हो गया था और निराशा के उस दौर में उन्हें 'कॉकरोच जनता पार्टी' में उम्मीद की एक किरण दिखाई दी."

मंत्री ने यह भी पूछा कि क्या छात्रों के आंदोलन के दौरान किसी कांग्रेस नेता को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा.

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राहुल गांधी के 'दीमक' वाले बयान पर दिया करारा जवाब

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 'दीमक' की तरह काम किया है और देश की शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है.

इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा, "मुझे राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा और उनकी समझ पर बहुत अफसोस होता है. मुझे लगता है कि उन्हें अभी भी यह समझने की जरूरत है कि RSS क्या है."

बीजेपी नेता ने कहा कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसका श्रेय RSS के योगदान को जाता है.

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