धर्मेंद्र प्रधान, राजनेता
धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ओडिशा में भाजपा का एक प्रमुख चेहरा है. वे 2012 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे. वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार (Atal Bihari Vajpayee government) में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे देवेंद्र प्रधान के बेटे (Son Of former cabinate Minister Debendra Pradhan,) हैं. इनका जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ था (Date of Birth). उन्होंने 1997 में मृदुला प्रधान से शादी की (Wife) और उनके दो बच्चे (Children) हैं.
अपने कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में शामिल हो गए. और उन्हें 1983 में एबीवीपी के सचिव के रूप में चुना गया था. साल 2000 में वे, पल्लल्हारा निर्वाचन क्षेत्र से ओडिशा विधानसभा के सदस्य ( Member of the Odisha Assembly ) बनें. उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता और 2004-2009 तक देवगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.
प्रधान 2014 में राज्य मंत्री (Minister of State in 2014) के रूप में शामिल हुए और 2017 में उन्हें कैबिनेट रैंक में पदोन्नत किया गया. उन्हें 2019 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas in 2019) मिला. उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री (Minister of Petroleum and Natural Gas and Steel ) के रूप में भी काम किया है.
उन्हें 2011 में पार्टी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था और 2018 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य (member of Rajya Sabha) के रूप में चुने गए थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह (Amit Shah) के करीबी सहयोगी प्रधान ने ओडिशा, उत्तराखंड, कर्नाटक और झारखंड में विभिन्न पार्टी गतिविधियों का भी आयोजन किया है.
इनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @dpradhanbjp नाम से है और फेसबुक पेज का नाम Dharmendra Pradhan है. ये इंस्टाग्राम पर dpradhanbjp नाम से एक्टिव हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. संगठन NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत अभिजीत दिपके ने की थी. ये समूह परीक्षाओं में अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाता रहा है.
कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि वो 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करेगा. यह प्रोटेस्ट नीट पेपर लीक मामले को लेकर है और मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट होगा और दिल्ली पुलिस से इजाजत मांगी गई है.
नीट और सीबीएसई परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देश के युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अमृतसर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शन में संस्थापक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी ने देशभर में मेगा कार्यक्रम का आयोजन कर रही है. इसी मौके पर देश के अलग-अलग इलाकों में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के नेता पूजा पाठ कर रहे है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान में मंदिर में पूजा-पाठ की.
INDIA ब्लॉक की बैठक के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी का मुद्दा भी चर्चा में आया. कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाने वाले किसी भी आंदोलन का समर्थन किया जाना चाहिए.
दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके राजधानी पहुंच चुके हैं और उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है. दूसरी ओर प्रशासन ने भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है तथा राजधानी में पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 जून को भारत लौटकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने छात्रों और समर्थकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है. संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन देशभर में फैलाया जाएगा. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद सीजेपी नेताओं ने दावा किया कि कई राज्यों से युवा इसमें शामिल हुए. उनका कहना है कि यह आंदोलन शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में NEET-UG पेपर लीक, CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई. प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी.
CBSE पेपर चेकिंग विवाद और OSM टेंडर में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बोर्ड के चेयरमैन और सचिव को ट्रांसफर कर दिया जाना गले नहीं उतर रहा है. इस मुद्दे से जुड़े हर तबके को यह दबाव टालने की कोशिश लगी है. ताकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग न हो, और मामला ठंडा हो जाए.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर हुए विवाद में बोर्ड अध्यक्ष और सचिव के तबादले को "लीपापोती" बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा लिया गया। राहुल ने मंत्री को बर्खास्त कर स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की। उधर, केंद्र सरकार ने सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों का तबादला कर ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित की है।
CBSE की12वीं परीक्षा की कॉपी के री-ईवैल्युएशन और नंबरों की दोबारा जांच की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है. CBSE का री-ईवैल्युएशन पोर्टल कल से मेंटेनेंस मोड में था जो अब शुरू हो गया है. CBSE ने आवेदन करने के लिए पूरी प्रक्रिया के मार्गदर्शन के लिये एक वीडियो भी जारी किया है.
दो परीक्षा जो केंद्र सरकार और परीक्षा कराने वाली जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है...एक नीट की परीक्षा जिससे भविष्य के डॉक्टर तैयार होते हैं...दूसरी सीबीएसई की परीक्षाएं जो छात्रों के भविष्य की बुनियाद बनती हैं..सवाल है कि जब परीक्षाएं ही निष्पक्ष नहीं होंगी तो नया भारत..भविष्य का भारत कैसे तैयार होगा? देखें...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पिछली बार नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण थी और सरकार इसे दोबारा नहीं होने देना चाहती. उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं.
NEET और CBSE को लेकर जारी घमासान के बीच आजतक की पत्रकार श्वेता सिंह ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से खास बातचीत की. नीट री-एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के सवालोे के जवाब दिए. साथ ही CBSE OSM विवाद पर भी अपनी बात रखी. देखें धर्मेंद्र प्रधान से खास बातचीत.
NEET और CBSE को लेकर जारी घमासान के बीच आजतक की पत्रकार श्वेता सिंह ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से खास बातचीत की. CBSE OSM विवाद पर राहुल गांधी के आरोपों पर धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वो बिना फैक्ट चेक के बात करते हैं. देखें...
देश में जारी पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब और तेज हो गई है. राहुल गांधी ने साफ कहा है कि शिक्षा मंत्री उन पर चाहे जितने हमले कर लें, लेकिन इससे वह 18.5 लाख बच्चों के भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब देने से बच नहीं सकते.
NEET और CBSE को लेकर जारी घमासान के बीच आजतक की पत्रकार श्वेता सिंह ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से खास बातचीत की. नीट री-एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के सवालोे के जवाब दिए. क्या नीट की परीक्षा की जिम्मेदारी अब सेना को सौंपी जाएगी? देखें धर्मेंद्र प्रधान से खास बातचीत.
पेपर लीक और सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली के मामले में राहुल गांधी लगातार आक्रामक रुख अपना रहे हैं. आज धर्मेंद्र प्रधान ने उनको लेकर कहा था कि राहुल गांधी चुनावी हार की कुंठा के चलते देश की वैज्ञानिक प्रगति का विरोध कर रहे हैं. राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री ने उनके मानसिक संतुलन पर ही सवाल दाग दिए.
सीबीएसई अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि राहुल गांधी चुनावी हार की कुंठा के चलते देश की वैज्ञानिक प्रगति का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए यह भी दोहराया कि इस प्रणाली में हुई किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं.
शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई क्लास 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को खुलेआम स्वीकार किया है. शिक्षा मंत्री ने बेहद भावुक और कड़क लहजे में कहा कि इस पूरे डिजिटल झोल में जो भी कमियां सामने आई हैं, उसकी जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं और सरकार देश के एक भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देगी.