How To Make Neem Oil: नीम का तेल आपने बाजार में कई बार देखा या खरीदा होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि असली नीम का तेल आखिर बनता कैसे है? आमतौर पर लोग मानते हैं कि नीम की पत्तियों से तेल तैयार किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. नीम का असली तेल नीम के पके फल के अंदर मौजूद बीज और उसके गूदे से निकाला जाता है. इसे तैयार करने का प्रोसेस भी आसान नहीं होता है. पहले पके नीम के फल चुनने पड़ते हैं, फिर उन्हें साफ करके कई दिनों तक सुखाया जाता है, उसके बाद छिलका और गूदा अलग करके बीज तैयार किए जाते हैं और आखिर में मशीन से तेल निकलवाया जाता है.
गांव के देसी तरीके से करीब 15 दिन की मेहनत के बाद नीम का तेल तैयार किया जाता है. तेल निकालने के बाद बची नीम की खली का इस्तेमाल खेत-पौधों में किया जा सकता है. आइए जानते हैं घर पर शुद्ध नीम का तेल तैयार करने का पूरा तरीका क्या है.
सबसे पहले पेड़ से चुनें पके हुए नीम के फल
नीम का तेल बनाने के लिए सबसे पहले पके हुए नीम के फल यानी नीमौड़ी इकट्ठा की जाती हैं. पेड़ पर एक साथ सारे फल नहीं पकते, इसलिए जमीन पर गिरे हुए पके फलों को रोजाना या दो-तीन दिन के अंतर पर इकट्ठा किया जाता है. पके फल इसलिए चुने जाते हैं क्योंकि इनके अंदर का गूदा अच्छी तरह तैयार हो चुका होता है और इसी के बीज से आगे तेल निकाला जाता है.
नीमौड़ी को अच्छी तरह धोना जरूरी
जमीन पर गिरे हुए फलों के ऊपर मिट्टी और गंदगी चिपकी होती है. इसलिए इकट्ठा की गई नीमौड़ी को पानी से अच्छी तरह धोया जाता है. सिर्फ एक बार धोना काफी नहीं है. जब तक फल से मिट्टी और गंदगी पूरी तरह निकल न जाए, तब तक कई बार पानी से धोना चाहिए.
धोने के बाद इन्हें धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. अगर मौसम में बारिश हो जाए तो इन्हें दोबारा सुखाने में समय लग सकता है. इन्हें तकरीबन 8 से 10 दिन तक सुखाया जाता है, ताकि फल के अंदर मौजूद गूदा सूखकर अलग होने लायक हो जाए.
सूखने के बाद गूदा और छिलका अलग करें
नीम के फल अच्छी तरह सूख जाएं तो अगला काम इसके अंदर से बीज निकालना है. पहले के समय में इसके लिए घर की जांता जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता था. अब इसके लिए बेलन की मदद से भी काम किया जा सकता है.
नीम के सूखे फलों को एक जगह फैलाकर उनके ऊपर बेलन चलाया जाता है. इससे सूखा हुआ छिलका और गूदा टूटकर अलग होने लगता है. इसके बाद इन्हें छांटकर बीज अलग किए जाते हैं.
पंखे और सूप से ऐसे अलग होगा नीम का बीज
बीज और छिलके को अलग करने के लिए देसी तरीका भी काफी काम का है. इसके लिए पंखे की हवा की मदद ली जा सकती है. हल्का छिलका हवा के साथ दूर चला जाता है, जबकि भारी बीज नीचे रह जाते हैं.
इसके बाद सूप से भी इन्हें साफ किया जाता है. जो गूदा या छिलका बच जाता है, उसे दोबारा थोड़ा तोड़कर बीज अलग कर लिए जाते हैं. जब बीज पूरी तरह साफ हो जाएं, तब ये तेल निकलवाने के लिए तैयार होते हैं.
घर की मिक्सी से नहीं, मशीन से निकाला गया तेल
घर पर नीम के बीज को मिक्सी में पीसकर तेल निकालने की कोशिश करने पर बहुत कम तेल निकलता है. इसलिए साफ किए गए बीजों को तेल निकालने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया जाता है.
मशीन में नीम के बीज डालकर उन्हें दबाया जाता है, जिससे धीरे-धीरे तेल निकलता है. नीम से तेल की मात्रा सरसों के मुकाबले काफी कम निकलती है. अगर उदाहरण से समझें तो करीब 14 किलो सरसों से लगभग साढ़े 4 लीटर तेल निकलता है, जबकि करीब 4 किलो नीम के बीज से लगभग 900 ग्राम के आसपास नीम का तेल निकल पाता है.
यानी नीम के बीज से तेल निकालने में काफी ज्यादा बीज लगते हैं. यही वजह है कि इसे तैयार करने में मेहनत और समय दोनों लगते हैं.
तेल निकलने के बाद बचती है नीम की खली
तेल निकालने के बाद बीज का बचा हुआ हिस्सा नीम की खली के रूप में निकलता है. इसे फेंकने की जरूरत नहीं है. नीम की खली को छोटे टुकड़ों में तोड़कर या पीसकर पानी में भिगोया जा सकता है.
कुछ समय बाद इसका घोल तैयार करके खेत या पौधों के आसपास इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पौधों में कीड़े लगने की समस्या कम हो सकती है.