Multi Grain Dal Dhokli Recipe: लंच हो या डिनर रोज-रोज दाल-चावल और रोटी सब्जी खाकर मन भर जाता है और हर दिन एक जैसा खाने का भी दिल नहीं करता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो गए हैं और कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हो, तो आप गुजरात की फेमस मल्टीग्रेन दाल ढोकली ट्राई कर सकते हैं.
दोपहर या रात के समय आप दो-दो चीजों को बनाने से अच्छा मल्टीग्रेन दाल ढोकली बना सकते हैं. तुअर दाल और मूंगफली का इस्तेमाल करके बनाए जाने वाली इस डिश में मसालों का तड़का और हल्की मिठास इसे और भी स्वादिष्ट बना देती है. खास बात यह है कि इसे एक ही डिश में दाल और आटे दोनों का पोषण मिल जाता है.
मल्टीग्रेन दाल ढोकली के लिए सामग्री
मल्टीग्रेन दाल ढोकली बनाने की विधि
दाल पकाएं: सबसे पहले प्रेशर कुकर में भीगी हुई तुअर यानी अरहर की दाल, नमक, ½ चम्मच हल्दी, मूंगफली और 2 कप पानी डालें. कुकर का ढक्कन लगाकर मिडियम फ्लेम पर 4 से 5 सीटी आने तक पकाएं.
ढोकली का आटा तैयार करें: एक बड़े बर्तन में मल्टीग्रेन आटा, बेसन, नमक, बची हुई हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर मिलाएं. धीरे-धीरे पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. इसे गीले सूती कपड़े से ढककर 10 से 15 मिनट के लिए रख दें.
ढोकली को शेप दें: आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें और उन्हें फोर्क के पीछे हल्का दबाकर रोल करें, ताकि उन्हें छोटे नगेट जैसे शेप बन जाए.
दाल में तड़का लगाएं: कुकर का प्रेशर पूरी तरह निकलने के बाद उसे खोलें. अब एक गहरे नॉन-स्टिक पैन में घी गर्म करें. इसमें राई डालें और चटकने दें. इसके बाद हींग, मेथी दाना, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालकर भूनें.
दाल और ढोकली पकाएं: अब इसमें पकी हुई दाल डालकर करीब 1 मिनट तक चलाएं. दाल तड़का मसाला डालें और पानी मिलाकर दाल की कंसिस्टेंसी सेट करें. तैयार ढोकली को इसमें डालें और अच्छी तरह मिलाएं. पैन को ढककर मिडियम फ्लेम पर करीब 15 से 20 मिनट पकाएं, ताकि ढोकली अच्छी तरह पक जाए.
गुड़ और धनिया डालें: ढोकली पकने के बाद नमक चेक कर लें और कम या ज्यादा हो तो अपने हिसाब से डाल लें. आखिर में इसमें गुड़ और हरा धनिया डालें. गुड़ पूरी तरह घुलने तक मिलाएं और फिर गैस बंद कर दें.
ऐसे करें सर्व
गरमा-गरम मल्टीग्रेन दाल ढोकली को कटोरी में निकालें और इसके साथ कुरकुरे खाखरे परोसें. बारिश या ठंड के मौसम में यह डिश खासतौर पर मजेदार लगती है और पेट भी अच्छी तरह भर देती है.
खास टिप: ढोकली को बहुत ज्यादा पतला न बनाएं, क्योंकि पकाते समय वह टूट सकती है. आटा सख्त गूंथने से ढोकली को सही टेक्सचर मिलता है.