मध्य प्रदेश के निवाड़ी में तेज बारिश के बाद शहर की ड्रेनेज व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. सिविल लाइन क्षेत्र में पानी की निकासी का उचित इंतजाम नहीं होने से SDOP कार्यालय और आवास समेत कई सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के घरों में पानी भर गया. हालात ऐसे बने कि प्रशासनिक कामकाज से जुड़े परिसरों में भी बारिश का पानी पहुंच गया.
बताया जा रहा है कि कार्यालय के अंदर पानी भरने से कंप्यूटर, फाइलें और जरूरी दस्तावेज भी भीग गए. परिसर से पानी बाहर निकालने के लिए दो टुल्लू पंप दिनभर चलाने पड़े. इसके बावजूद जलभराव पूरी तरह खत्म नहीं हो सका. बारिश थमने के बाद भी सिविल लाइन क्षेत्र में पानी जमा रहा.
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कृषि विभाग, पशु चिकित्सालय, SDOP कार्यालय एवं आवास, नगर निरीक्षक का आवास, महिला थाना और मार्केटिंग सोसायटी समेत कई सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के आवास बारिश से प्रभावित हुए. इसके अलावा सिविल लाइन इलाके के करीब 200 घरों में भी पानी भरने की स्थिति सामने आई. इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
सरकारी दफ्तरों से घरों तक पानी ही पानी
निवाड़ी को जिला बने करीब आठ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन शहर में जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. तेज बारिश के बाद सिविल लाइन में बने जलभराव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. जिन जगहों से लोगों को राहत और व्यवस्था की उम्मीद रहती है, उन्हीं सरकारी परिसरों में पानी भर गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही हालात पैदा होते हैं. जलभराव केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि घरों और सरकारी परिसरों तक पहुंच जाता है. कई परिवारों को पानी के बीच रहना पड़ता है, जबकि सरकारी कर्मचारियों को भी कार्यालय और आवास से पानी निकालने की मशक्कत करनी पड़ती है.
नगरवासियों के मुताबिक, शहर में सड़क, डिवाइडर और नालियों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं. इसके बावजूद बारिश के पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है. लोगों का सवाल है कि जब इतना खर्च होने के बाद भी पानी घरों और कार्यालयों में भर रहा है, तो आखिर ड्रेनेज व्यवस्था में कमी कहां है.
रेलवे स्टेशन की तरफ से आता है नाले का पानी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन की ओर से आने वाले नाले के पानी की समुचित निकासी नहीं हो पाती. बारिश तेज होते ही पानी आसपास के सरकारी कार्यालयों, अधिकारियों के आवास और रिहायशी इलाकों की ओर फैलने लगता है. इसी वजह से सिविल लाइन क्षेत्र में जलभराव की समस्या बार-बार गंभीर रूप लेती है.
वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद गजेंद्र राय और सिविल लाइन क्षेत्र के रहने वलों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और PWD विभाग को इस समस्या की जानकारी दी है. शिकायतों के बावजूद अब तक ऐसा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे हर बारिश के साथ लोगों की परेशानी दोबारा खड़ी हो जाती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या करीब 12 वर्षों से चली आ रही है. बारिश के मौसम में हालात हर बार बिगड़ते हैं. इस बार भी तेज बारिश ने न सिर्फ आम घरों को प्रभावित किया, बल्कि सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के आवासों में भी पानी पहुंचा दिया.
लोगों ने तकनीकी जांच और स्थायी समाधान मांगा
जलभराव से परेशान लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से पूरे नाले और ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सिर्फ बारिश के दौरान पानी निकालने से समस्या खत्म नहीं होगी. नाले की क्षमता, पानी के बहाव और निकासी के रास्ते की तकनीकी समीक्षा जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
रहवासियों ने कलेक्टर से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को संबंधित विभागों के साथ मिलकर ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए. केवल पंप लगाकर जमा पानी निकालना अस्थायी उपाय है, जबकि शहर को स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जरूरत है.
फिलहाल निवाड़ी की तेज बारिश ने एक बार फिर शहर के ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरियां उजागर कर दी हैं. सरकारी कार्यालयों में पानी भरने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई, वहीं करीब 200 घर भी जलभराव की चपेट में आए. स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि वर्षों पुरानी समस्या पर प्रशासन गंभीरता से काम करेगा.