Chandi Ki Dal: दाल भारत में आम से लेकर खास की थाली का हिस्सा है. हम सभी रोज ही अलग-अलग तरह की दाल खाते हैं लेकिन क्या आपने कभी चांदी की दाल खाई या सुनी है. जी हां चांदी वाली दाल शाही राजघरानों की शान हुआ करती थी जिसे राजघरानों के शेफ वैदिक और आयुर्वेदिक खूबियों को ध्यान में रखकर तैयार करते थे.
ऐसी ही एक बेहद दुर्लभ और शाही डिश है चांदी की दाल. राजस्थान के राजघरानों की इस पारंपरिक दाल को पकाने में पानी की जगह दूध का इस्तेमाल होता है. कुछ समय पहले राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक खास स्टेट डिनर में भी ये दाल प्रधानमंत्री मोदी और विदेशी नेताओं के लिए परोसी गई थी. इस दाल को बनाने वाले शेफ सौरभ शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर इसे बनाने का आसान तरीका बताया है. यहां हम आपको उन्हीं की रेसिपी शेयर कर रहे हैं.
चांदी की दाल रेसिपी की सामग्री:
चना, अरहर और पीली मूंग दाल (1 कप-बराबर मात्रा में और पानी में 2 से 3 घंटे के लिए भीगी हुई)
गाढ़ा दूध - 3 कप (पानी की जगह पकाने के लिए)
शुद्ध देसी घी - 3 बड़े चम्मच
सभी साबुत मसाले
जीरा - 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर
चांदी का वर्क
सादा नमक - स्वादानुसार
बनाने की विधि:
इसके लिए एक भारी तले वाले बर्तन (कढ़ाई या हांडी) में सबसे पहले दूध डालें. जब दूध उबलने लगे तो इसमें भिगोई हुई दालें डाल दें.
धीमी आंच पर दाल को दूध के साथ पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध तले में न लगे.
अब इसमें सभी तरह के बड़ी इलायची, दालचीनी, जायफल, जावित्री समेत कुछ साबुत गर्म मसालों को कपड़े की पोटली में बांधकर डाल दें. ऊपर से थोड़ा पानी डाल दें.
अब ऊपर से इसमें हल्का सा हल्दी पाउडर डालें. मिलाने के बाद अब इसमें चांदी के 1 या 2 बरक को डाल दें ताकि चांदी के बरक का टेस्ट और गुण दाल में मिल जाएं.
कुछ देर इसे ऐसे ही पकने दें, जब दाल का कलर डार्क यलो लगने लगे तो ताजी क्रीम मिलाएं.
अब दाल के लिए तड़का तैयार करें. इसके लिए गाय का देसी घी लें. इसमें जीरा डालें. जैसे ही जीरा भुनने लगे तो अब इसमें लाल मिर्च पाउडर डाल दें.
दाल को सर्विंग बाउल में निकालें, ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डालें और शुद्ध चांदी का वर्क लगाकर गरमा-गरम परोसें.