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Banana Peel Fertilizer: कूड़े में न फेंकें केले के छिलके! घर पर इन 5 तरीकों से बनाएं ऑर्गेनिक खाद, फूलों से भर जाएंगे पौधे

Banana Peel Fertilizer: केले का छिलका फेंकने की बजाय उससे घर पर पौधों के लिए नेचुरल खाद बनाई जा सकती है. जानिए केले के छिलके से लिक्विड खाद, पाउडर और फर्मेंटेड फर्टिलाइजर बनाने के 5 आसान तरीके.

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केले के छिलकों की मदद से लिक्विड फर्टिलाइजर भी बनाया जा सकता है. (Photo: ITG)
केले के छिलकों की मदद से लिक्विड फर्टिलाइजर भी बनाया जा सकता है. (Photo: ITG)

Banana Peel Fertilizer: केला खाने के बाद उसका छिलका ज्यादातर घरों में सीधे कूड़ेदान में पहुंच जाता है. लेकिन अगली बार इसे फेंकने से पहले एक बार रुक जाइए. जिस छिलके को आप बेकार समझ रहे हैं, उसे घर के गमलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. केले के छिलके में पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए इसे पौधों के लिए एक घरेलू खाद की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. खास बात ये है कि केले के छिलके से ऑर्गेनिक खाद बनाने के लिए लिए आपको बाजार से कोई खास सामान खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

अगर आपके घर में बालकनी, छत या खिड़की के पास छोटे-बड़े गमले रखे हैं, तो केले के छिलके को फेंकने की बजाय इन 5 आसान तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे कबाड़ समझे जाने वाले केले के छिलकों से ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बनाया जा सकता है.

1. पानी में भिगोकर बनाएं केले के छिलके की खाद
केले के छिलकों से खाद बनाने का सबसे आसान तरीका केले के छिलके का पानी तैयार करना है. इसके लिए छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन्हें एक साफ जार या डिब्बे में डालकर इतना पानी भरें कि छिलके पूरी तरह डूब जाएं. इसे करीब 2 से 3 दिन के लिए छोड़ दें. इसके बाद पानी को छान लें और छिलकों को अलग कर दें. तैयार पानी को सीधे पौधों पर डालने की बजाय थोड़ा पतला करके मिट्टी में दें. बचे हुए छिलकों को फेंकने की जरूरत नहीं है, इन्हें खाद बनाने के लिए कंपोस्ट में डाला जा सकता है.

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2. पहले उबालें, फिर तैयार करें लिक्विड खाद
अगर आप केले के छिलके से थोड़ा अलग तरीके से लिक्विड फीड बनाना चाहते हैं, तो ये तरीका आजमा सकते हैं. सबसे पहले छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर 2 से 3 दिन पानी में भिगोएं. इसके बाद इन्हें करीब 30 से 45 मिनट तक उबाल लें. अब पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर छान लें. इस लिक्विड को पौधों में डालने से पहले साफ पानी मिलाकर पतला करना जरूरी है. गाढ़े घोल को सीधे पौधों की मिट्टी में डालने से बचें.

3. छिलकों को सुखाकर सीधे मिट्टी में डालें
अगर आप हर बार लिक्विड खाद बनाने का झंझट नहीं चाहते तो केले के छिलकों को सुखाकर भी रख सकते हैं. छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटें और धूप में अच्छी तरह सुखा लें. चाहें तो कम तापमान पर ओवन में भी सुखाया जा सकता है. ध्यान रखें कि छिलके पूरी तरह सूख जाने चाहिए. इसके बाद इन्हें छोटे टुकड़ों के रूप में पौधे की मिट्टी में मिलाया जा सकता है. सूखे छिलकों को कुछ समय के लिए स्टोर करके भी रखा जा सकता है.

4. सूखे छिलकों का पाउडर बनाकर करें इस्तेमाल
सूखे केले के छिलकों का पाउडर बनाना भी काफी आसान है. जब छिलके पूरी तरह सूखकर कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर, फूड प्रोसेसर या कॉफी ग्राइंडर में पीस लें. तैयार पाउडर को थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाया जा सकता है. इसे पानी के साथ मिलाकर भी पौधों में दिया जा सकता है. इस तरीके का फायदा यह है कि पाउडर को संभालना और कम मात्रा में पौधों तक पहुंचाना आसान रहता है.

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5. केले के छिलके से बनाएं फर्मेंटेड लिक्विड
अगर आपके पास थोड़ा ज्यादा समय है तो केले के छिलके से फर्मेंटेड लिक्विड भी तैयार किया जा सकता है. इसके लिए पके केले के टुकड़े और डार्क ब्राउन शुगर बराबर मात्रा में लेकर एक कंटेनर में डालें. इसे करीब दो हफ्ते तक फर्मेंट होने के लिए छोड़ना होता है.

लेकिन इस तरीके को अपनाते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है. इसमें चीनी होने की वजह से मक्खियां और दूसरे कीड़े आ सकते हैं. इसलिए इसे पौधों में डालने से पहले पानी मिलाकर अच्छी तरह पतला कर लें.

केले के छिलके की खाद इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • केले के छिलके से बनी खाद को पौधों के लिए एक एक्स्ट्रा पोषण की तरह इस्तेमाल करना बेहतर है. इसे पूरी तरह से बाजार में मिलने वाली खाद का ऑप्शन मानना सही नहीं है. पौधों को उनकी जरूरत के हिसाब से मिट्टी, पानी, रोशनी और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी चाहिए होते हैं.
  • अगर आप केले का पानी बना रहे हैं तो उसे पतला करके इस्तेमाल करें. एक आसान तरीका ये है कि एक हिस्सा केले के पानी में करीब पांच हिस्से साफ पानी मिला लें. इसे रोज-रोज इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. हफ्ते में एक बार ही काफी है.
  • पौधों की जरूरत भी अलग-अलग होती है. मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, मॉन्स्टेरा, फिलोडेंड्रॉन, एन्थ्यूरियम, ऑर्किड, गुलाब, टमाटर और भिंडी जैसे कई पौधों में पतला किया हुआ केले का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं सक्युलेंट्स में पानी और खाद दोनों की जरूरत कम होती है, इसलिए इनके साथ ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए.
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