केला (Banana) दुनिया के सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह अपने मीठे स्वाद, आसान उपलब्धता और भरपूर पोषण के कारण हर आयु वर्ग के लोगों की पसंद है. भारत दुनिया के सबसे बड़े केला उत्पादक देशों में शामिल है, जहां इसकी कई किस्मों की खेती की जाती है. यह फल पूरे साल आसानी से बाजार में उपलब्ध रहता है.
केला मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्राकृतिक शर्करा, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन B6 और विटामिन C का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ संतुलित आहार का हिस्सा भी बनाते हैं. यही कारण है कि कई लोग नाश्ते, स्नैक या व्यायाम से पहले और बाद में केले का सेवन करना पसंद करते हैं.
भारत में केले की खेती महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर की जाती है. यहां इसकी कई प्रसिद्ध किस्में उगाई जाती हैं, जिनका उपयोग खाने के अलावा चिप्स, मिठाइयों, शेक और अन्य खाद्य उत्पादों में भी किया जाता है.
केला केवल फल के रूप में ही नहीं, बल्कि इसके पौधे के अन्य हिस्सों का भी विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग होता है. इसके पत्तों का इस्तेमाल कई जगह भोजन परोसने के लिए किया जाता है, जबकि तने से रेशा निकालकर हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं. कुछ क्षेत्रों में केले के फूल और तने से पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं.
बाजार में केले की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, इसलिए यह किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण नकदी फसल मानी जाती है. इसकी आसान खेती, बेहतर उत्पादन और लगातार मांग के कारण इसका कृषि क्षेत्र में विशेष महत्व है.
बागपत के बरनावा में केले के दाम को लेकर ग्राहक और फल विक्रेताओं के बीच विवाद मारपीट में बदल गया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण समुद्री रास्ते बंद होने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित है. महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंगूर और केले के किसानों को निर्यात में भारी नुकसान हो रहा है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर सैकड़ों कंटेनर फंसे हुए हैं, जिनमें जल्दी खराब होने वाले फल-सब्जियां शामिल हैं. वहीं, शिपिंग कंपनियों ने युद्ध जोखिम सरचार्ज भी लागू किया है, जिससे लागत बढ़ गई है.
अगर आप अपने पौधों को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ और हरा-भरा रखना चाहते हैं, तो किचन में मौजूद फल और सब्जियों के छिलके एक बेहतरीन उपाय हो सकते हैं. अलग-अलग छिलकों से बने पानी का उपयोग पौधों की ग्रोथ को बेहतर करने और उन्हें कीड़ों व बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है.
मध्य प्रदेश की रहने वाली एक किसान की बेटी ने अपने ही खेती से उगे केले की मदद से एक बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया और आज उन्हें कई राज्यों से बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं.
केला हर किसी का पसंदीदा फल है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके फायदे इस बात पर निर्भर करते हैं कि वो कितना पका हुआ है? एम्स, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि हरे, हल्के हरे, पीले और भूरे केले के पोषक तत्व अलग-अलग होते हैं. जानिए किस स्टेज का केला आपकी आंत, ब्लड शुगर और एनर्जी के लिए सबसे बेहतर है.
Banana vs dates: केला और खजूर दोनों ही जल्दी और नेचुरल एनर्जी देने वाले फल हैं लेकिन पोषण और एनर्जी देने के तरीके के मामले में दोनों में फर्क है. ऐसे में आज हम इस खबर में जानेंगे कि इन दोनों में से कौन ज्यादा बेहतर है और क्यों.
Banana Face Mask: केला सिर्फ हेल्थ के लिए ही नहीं, बल्कि स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल ऑयल्स स्किन को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे स्किन सॉफ्ट, स्मूद और चमकदार बनती है.
गर्मी अपने प्रंचड रूप में है और इस मौसम में खाना अगर गलती से बाहर रह जाए तो फौरन खराब हो जाता है. अक्सर ही हम देखते हैं कि केले कुछ दिनों में ही काले पड़ जाते हैं या गलने लगते हैं, जिसे देखकर फिर कोई उनको खाना पसंद नहीं करता है. मगर क्या