Best Roti to Eat in Changing Weather: मौसम बदलने के साथ खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है. इस दौरान कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम, थकान और सुस्ती जैसी परेशानियां होने लगती हैं. ऐसे में डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. मोटे अनाज सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं. यही वजह है कि आजकल लोग गेहूं के अलावा बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज की रोटियां भी अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. ऐसे में आज हम जानेंगे कि बदलते मौसम में किन अनाजों की रोटी खाना फायदेमंद हो सकता है और क्यों.
बाजरा की तासीर गर्म होती है
बदलते मौसम में बाजरे की रोटी खाना सबसे बढ़िया माना जाता है. इसमें फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, जबकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है. बाजरे को पारंपरिक रूप से गर्म तासीर वाला अनाज माना जाता है. इसलिए ठंड के मौसम में इसे खाना कई लोगों को पसंद आता है.
ज्वार (हल्का और पचने में आसान)
अभी दिन के समय मौसम हल्का गर्म होता है ऐसे में आपके लिए बाजरे की रोटी भी सेफ ऑप्शन है. ज्वार की तासीर ठंडी या नॉर्मल मानी जाती है और इसमें फाइबर भी भरपूर होता है. जिन लोगो को गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग की शिकायत ज्यादा रहती है, उन्हें बदलते मौसम में ज्वार के आटे की रोटी खानी चाहिए.
रागी (हड्डियों के लिए वरदान)
रागी को आप किसी भी मौसम में आराम से खा सकते हैं. यह कैल्शियम का सबसे बड़ा खजाना है. अगर बदलते मौसम में आपके जोड़ों में दर्द या बदन टूटने जैसी दिक्कतें होती हैं तो रागी के आटे की रोटी खाएं. यह बच्चो और बुजुर्गों दोनो के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और थकान दूर भागती है.
इन बातो का रखें ध्यान
अगर आप पहली बार मोटा अनाज शुरू कर रहे हैं तो सीधे सिर्फ बाजरा या रागी की रोटी न बनाएं, शुरुआत में थोड़ा गेहूं का आटा मिलाकर गूंथें ताकि पेट खराब न हो. बाजरे या रागी की रोटी थोड़ी सूखी होती है, इसलिए खाते वक्त ऊपर से थोड़ा सा देसी घी या सफेद मक्खन जरूर लगाएं, इससे रूखापन नहीं लगेगा. मोटे अनाज में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए दिनभर में पानी की मात्रा अच्छी रखें ताकि कब्ज की समस्या न होने पाए.