How To Make Kadak Chai: अक्टूबर के महीने में पहली बारिश ने मौसम की करवट बदल दी है. बारिश की बूंदें, ठंडी हवाएं और हल्की-हल्की सिहरन के बीच अदरक वाली गर्मागर्म चाय मिल जाए, तो दिन बन जाता है. ऐसे मौसम में चाय की चुस्कियों का मजा ही कुछ और होता है. लेकिन कई बार घर पर चाय बनाते समय वो टपरी वाला स्वाद नहीं आता, जिसकी तलाश रहती है. कभी चाय फीकी लगती है, तो कभी उसमें दूध और चायपत्ती का स्वाद ठीक से नहीं उभरता. इसके साथ ही कभी चाय पत्ती इतनी डल जाती है कि चाय कड़वी लगने लगती है.
अगर आप भी इस सुहाने मौसम में कड़क और स्वादिष्ट चाय का मजा लेना चाहते हैं, तो मशहूर शेफ रणवीर बरार का बताया तरीका आपके काम आ सकता है. चाय बनाने में सिर्फ अच्छी चायपत्ती ही नहीं, बल्कि पानी, अदरक और दूध डालने का सही तरीका भी स्वाद को खास बना सकता है. तो चलिए, जानते हैं बारिश और ठंडी हवाओं के बीच घर पर बेहतरीन कड़क चाय बनाने का तरीका.
इंग्रेडिएंट्स
नोट: इंग्रेडिएंट्स का अनुपात चाय कितनी बन रही है उसके हिसाब से थोड़ा बदला जा सकता है.
बनाने का तरीका
1. शेफ रणवीर बरार कहते हैं अच्छी चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी डालकर गैस पर रख दें. जब पानी में अच्छी तरह उबाल आने लगे, तब इसमें बाकी चीजें डालनी होंगी. चाय बनाते समय पानी और दूध की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है. दोनों का सही संतुलन चाय का स्वाद बेहतर बनाता है.
2. उबलते पानी में कुटी हुई अदरक डालें और कुछ देर पकने दें. इससे अदरक का स्वाद पानी में अच्छी तरह घुल जाएगा. चाय में अच्छी खुशबू और स्वाद के लिए आप थोड़ी कुटी हुई इलायची भी मिला सकते हैं.
3. अदरक का स्वाद पानी में आने के बाद चायपत्ती डालें. इसे धीमी आंच पर 2-3 मिनट तक पकने दें, ताकि चायपत्ती का रंग और स्वाद पानी में अच्छी तरह आ जाए. ध्यान रखें कि चायपत्ती की मात्रा बहुत ज्यादा न हो, वरना चाय का स्वाद कड़वा हो सकता है.
4. जब पानी में चायपत्ती अच्छी तरह उबल जाए, तब इसमें गर्म दूध मिलाएं. अब स्वाद के हिसाब से चीनी डालकर चाय को कुछ मिनट और पकने दें.
इससे दूध, चायपत्ती और अदरक का स्वाद अच्छी तरह मिल जाएगा. हालांकि, चाय को बहुत देर तक तेज आंच पर उबालने से बचें, वरना उसका स्वाद बिगड़ सकता है.
5. चाय में अदरक और इलायची डालने के अलावा आप अपनी पसंद के अनुसार थोड़ी सौंफ भी मिला सकते हैं. इससे चाय के स्वाद में हल्का बदलाव आएगा. बस ध्यान रखें कि मसालों की मात्रा बहुत ज्यादा न हो, ताकि चाय का असली स्वाद बना रहे.