केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार मतदाता सूचियों के SIR प्रक्रिया में भारी धांधली कर रही है. कुमारस्वामी ने रामनगर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का दावा किया है और इसके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कुमारस्वामी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार न सिर्फ रामनगर में, बल्कि पूरे कर्नाटक में सोचे-समझे तरीके से SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता कर रही है. उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है.
पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, 'रामनगर में सरेआम हो रही गड़बड़ी इस बात का सबूत हैं कि कैसे इस पूरी प्रक्रिया को बर्बाद किया जा रहा है. रामनगर के डिप्टी कमिश्नर को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए. साथ ही, अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सभी अधिकारियों को सेवा से हटाया जाना चाहिए.'
अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वोटर बनाने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कुछ वीडियो दिखाते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभाव से हजारों फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं और उनके नकली कागजात तैयार हो रहे हैं. इन फर्जी वोटरों में अवैध रूप से भारत आए बांग्लादेशी भी शामिल हैं.
कुमारस्वामी ने दावा किया कि पिछले 4-5 सालों से कर्नाटक में 25 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी रह रहे हैं, जिन्हें कांग्रेस सरकार का साथ मिला हुआ है. अकेले रामनगर में ही ऐसे 10 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं. अब SIR के बहाने इन सभी को गैरकानूनी तरीके से वोटर लिस्ट में जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
गारंटी योजनाओं का डर दिखाकर धांधली
कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, 'ये वीडियो हमारे लोकतंत्र की परेशान करने वाली स्थिति को दिखाते हैं. जो पार्टी हाथ में संविधान लेकर घूमती है, वही आज इसकी आत्मा को ठेस पहुंचा रही है. कांग्रेस लोगों में ये डर पैदा कर रही है कि वो अपनी सरकारी गारंटी योजनाओं के लाभ खो देंगे. इस तरह डराकर ये संगठित रैकेट चलाया जा रहा है.'
दरअसल नियमों के मुताबिक, BLO को घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करना होता है. लेकिन कुमारस्वामी का आरोप है कि मुख्यमंत्री के प्रभाव में टीपू नगर के एक कम्युनिटी हॉल में हजारों लोगों को जमा करके एक साथ SIR प्रक्रिया पूरी की जा रही थी.
गृह मंत्री अमित शाह से करेंगे शिकायत
कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें लोगों से तय नियमों के तहत सहयोग करने की अपील करनी चाहिए थी. लेकिन यहां तो लोगों को ही धमकी दी जा रही है.
केंद्रीय मंत्री ने इसे पूरी तरह से 'प्रशासन की विफलता' बताया है. उन्होंने कहा कि वो लोकतंत्र पर हो रहे इस हमले के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे. वो इस घोटाले से जुड़े सभी वीडियो सबूत और दस्तावेज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग को सौंपेंगे.उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग इस धांधली को तुरंत रोके और दोषी अधिकारियों को सस्पेंड करे.