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भारत में सबसे ज्यादा कहां से आते हैं महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स? करोड़ों का है कारोबार

भारत के बाजार में बिकने वाले सारे कपड़े मेड इन इंडिया नहीं होते हैं. इनमें से एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से इंपोर्ट किया जाता है. खासकर महिलाओं के इनरवियर बड़ी मात्रा में विदेशों से मंगाए जाते हैं. ऐसे में जानते हैं कि सबसे ज्यादा किस देश से महिलाओं के अंडर गार्मेंट्स इंपोर्ट होते हैं.

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भारत में कई दूसरे देशों से इंपोर्ट होते हैं महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स (Photo - AI Generated)
भारत में कई दूसरे देशों से इंपोर्ट होते हैं महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स (Photo - AI Generated)

कपड़ा और फैब्रिक मेन्युफैक्चरिंग में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. फिर भी यहां कुछ क्लोदिंग  सेगमेंट ऐसे हैं, जो सबसे ज्यादा बाहर से इंपोर्ट होते हैं. यहां बात हो रही है अंडरगार्मेंट्स की. खासकर महिलाओं के इनरवियर सबसे ज्यादा बाहर से ही आते हैं. इसमें सबसे ज्यादा और सस्ता माल चीन से आता है. 

यानी भारत में महिलाओं के इनरवियर सबसे ज्यादा चीन से इंपोर्ट किए जाते हैं. हर साल चीन से करोड़ों रुपये के वूमेन अंडरगारमेंट्स इंपोर्ट किए जाते हैं. क्योंकि, चीन से आने वाले ये कपड़े काफी सस्ते होते हैं. इस वजह से भारत के होलसेल मार्केट में चाइनीज अंडरगार्मेंट्स की ज्यादा डिमांड होती है. 

सस्ते चाइनीज इनरवियर भारत के निचले तबके के मार्केट को भी कवर करता है. मतलब दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, कोलकाता, मुंबई जैसे शहरों में सड़क किनारे 50-50 और 100-100 रुपये में जो महिलाओं के अंडरगार्मेंट बिकते दिखाई देते हैं. ये असल में चाइनीज माल होते हैं. 

हालांकि, चीन के अलावा भी दूसरे देशों से भारत में इनरवियर इंपोर्ट किए जाते हैं. इनमें बांग्लादेश, यूएई, म्यांमार, अमेरिका, जॉर्डन, कुवैत जैसे देश भी शामिल हैं. फिर भी क्वांटिटी और कीमत की बात करें तो सबसे सस्ता और ज्यादा माल चीन से आता है. वहीं पैसों की बात करें तो इनरवियर के मामले में सबसे ज्यादा बिजनेस बांग्लादेश से होता है. 

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अगर 2024 का डेटा देखें तो क्वांटिटी वाइज महिलाओं के इनरवियर सबसे ज्यादा चीन से मंगाए गए. वहीं इसी साल बिजनेस की बात करें तो डॉलर में सबसे ज्यादा बिजनेस बांग्लादेश के साथ हुआ. बांग्लादेश से करीब 350 हजार डॉलर का बिजनेस हुआ. वहीं चीन से सिर्फ 66 हजार डॉलर के महिलाओं के इनरवियर इंपोर्ट हुए. माल के डंपिंग की बात करें तो चीन आगे दिखाई देता है. क्योंकि 66 हजार डॉलर में ही चीन से 272,688 यूनिट आइटम इंपोर्ट किए गए. जबकि, बांग्लादेश से 114,113 यूनिट आयटम ही आयात हुआ. 

ऊपर दिए गए आंकड़े सिर्फ उदाहरण भर हैं. इस फीगर से ये साफ हो जाता है कि चीन से आने वाले माल काफी सस्ते हैं. इसलिए भारतीय मार्केट में काफी नीचे तक इनकी मांग है और पूरे बाजार को चाइनीज इनरवियर कवर करता है. चाहे ब्रांड की बात हो या फिर नॉर्मल सड़क किनारे बिकने वाले कपड़े. भारत के इनरवियर मार्केट में चीन एक बड़ा हिस्सा कवर करता है. 

यानी आप चाहे किसी सुपरमार्केट, मॉल या खुले में लगने वाले बाजार से खरीदारी कर रहे हों. अगर कोई भी महिला इन जगहों से इनरवियर खरीद रही हैं, तो हो सकता है 5 में से एक अंडरगार्मेंट मेड इन चाइना हो.  

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