उत्तराखंड की सियासत में शनिवार को हल्द्वानी से कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव का चुनावी शंखनाद कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे. रामलीला मैदान में आयोजित सभा में भीड़ इतनी अधिक रही कि मैदान में तिल रखने तक की जगह नहीं बची. आसपास के बाजारों, सड़कों और रास्तों पर भी कांग्रेस समर्थकों की मौजूदगी दिखाई दी.
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस के किसी बड़े राष्ट्रीय नेता की यह पहली बड़ी चुनावी रैली मानी जा रही है. पार्टी ने इस आयोजन के जरिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत का संदेश दिया और कार्यकर्ताओं को अभी से चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया.
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रैली में उमड़ी भीड़ को कांग्रेस ने अपने राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश किया. सभा स्थल के भर जाने के बाद कई लोग बाहर खड़े होकर नेताओं का संबोधन सुनते नजर आए. इससे रामलीला मैदान के आसपास का पूरा इलाका कांग्रेस समर्थकों और पार्टी के झंडों से भरा दिखाई दिया.
खड़गे के निशाने पर BJP सरकार और RSS
सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र के साथ उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठाए. उनके भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS को लेकर भी कांग्रेस का आक्रामक रुख नजर आया.
खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड से बीजेपी को विदा करने का वक्त आ गया है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तराखंड समेत आगामी विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में बीजेपी की विदाई का माहौल बन रहा है. उन्होंने लोगों से कांग्रेस को मजबूत करने और बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए समर्थन देने की अपील की.
रामलीला मैदान से सड़कों तक कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
हल्द्वानी की रैली में कांग्रेस ने बड़ी संख्या में लोगों को जुटाकर अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने की कोशिश की. रामलीला मैदान के भीतर जगह भरने के बाद बाहर भी समर्थकों की भीड़ बनी रही. बाजारों और प्रमुख सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडों के साथ नजर आए.
सभा का असर केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहा. आसपास के इलाकों में भी कांग्रेस समर्थकों की मौजूदगी रही. पार्टी के लिए यह आयोजन इसलिए अहम है क्योंकि वह 2027 में उत्तराखंड की सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.
खड़गे की मौजूदगी में हुए इस आयोजन के जरिए कांग्रेस ने संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं. रैली में उमड़ी भीड़ को पार्टी आगामी चुनाव के लिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की शुरुआत के तौर पर देख रही है.
2027 की जंग के लिए अभी से माहौल बनाने की कोशिश
हल्द्वानी की धरती से कांग्रेस की इस चुनावी हुंकार ने उत्तराखंड की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल बढ़ा दी है. पार्टी नेतृत्व ने जहां बीजेपी सरकार पर निशाना साधा, वहीं कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने की कोशिश भी की.
कांग्रेस का फोकस अब संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने पर है. रैली के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि 2027 की चुनावी लड़ाई के लिए वह मैदान में उतर चुकी है.
अब देखना होगा कि हल्द्वानी से शुरू हुआ कांग्रेस का यह अभियान आने वाले महीनों में उत्तराखंड की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है. फिलहाल खड़गे के तीखे हमलों और रैली में जुटी भीड़ ने 2027 के चुनावी मुकाबले की आहट जरूर तेज कर दी है.