पाकिस्तान और भारत के विदेश सचिवों की प्रस्तावित वार्ता में 72 घंटे बाकी हैं. लेकिन साफ नहीं है कि यह वार्ता होगी भी या नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 दिसंबर को लाहौर दौरे के बाद तय हुआ था कि यह बातचीत 14-15 जनवरी को इस्लामाबाद में होगी. लेकिन पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद से ही इसके टलने के कयास लगाए जा रहे हैं.
वार्ता पर सस्पेंस की दो वजहें
पाकिस्तान ने भारत की ओर से सौंपे कर दिया है. पाकिस्तान शुरुआती जांच के बाद भारत को रिपोर्ट दी है. इसमें कहा है कि उसे दिए गए फोन नंबर पाकिस्तानी नहीं हैं. इससे संदेश गया है कि वह आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं है.
भारत पहले ही पाकिस्तान को कह चुका है कि बातचीत से पहले ठोस कार्रवाई करनी होगी. वहीं, पाकिस्तानी अखबार द न्यूज ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि अभी तक इस्लामाबाद को विदेश सचिव एस जयशंकर की यात्रा की जानकारी नहीं मिली है. उन्हें 14 को इस्लामाबाद जाना है.
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पठानकोट के हैंडलर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के गृह जिले बहावलपुर से कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. लेकिन बहावलपुर पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है. जबकि इस्लामाबाद में इंटेलीजेंस ऑफिसर ने कहा है कि संदिग्धों को अज्ञात जगह रखकर पूछताछ की जा रही है.
पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने भारत और अमेरिका के दोहरे दबाव में आईएसआई, मिलिट्री इंटेलीजेंस, पुलिस और पाकिस्तानी आईबी के अफसरों की संयुक्त जांच टीम बनाने का आदेश दे दिया है. इसके बाद गुंजरावाला, झेलम और बहावलपुर में सोमवार को छापेमारी की गई.
NIA ने अब तक की यह कार्रवाई
एनआईए ने पठानकोट में मारे गए आतंकियों की पहचान के लिए इंटरपोल से ब्लैक कॉर्नर नोटिस जारी करने को कहा है. इंटरपोल मंगलवार को ही नोटिस जारी कर सकता है. इस बीच, एनआईए गुरदासपुर के एसपी से रखेगी. एनआईए ने सलविंदर के कुक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है.