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पति के शव को ठेले में लादकर श्मशान पहुंची महिला, किसी ने नहीं की मदद

कर्नाटक के बेलगाम निवासी 55 वर्षीय सदाशिव हिरत्ती की घर पर मौत हो गई थी. इस दौरान उसकी पत्नी, बेटा और बेटी घर पर नहीं थे. जब मृतक की पत्नी बेटे और बेटी घर लौटे, तो दरवाजा खटखटाया. हालांकि सदाशिव ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद परिजन दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुए. परिजनों को सदाशिव एक कुर्सी पर मृत मिले.

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महिला अपने बच्चों के साथ ठेले पर श्मशान लेकर गई पति का शव
महिला अपने बच्चों के साथ ठेले पर श्मशान लेकर गई पति का शव

  • कोरोना वायरस के डर से परिजनों ने भी बनाई दूरी
  • दिल की बीमारी से हुई थी सदाशिव हिरत्ती की मौत

कोरोना संकटकाल में कर्नाटक के बेलगाम जिले से दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. एक महिला को अपने पति के शव को ठेले (पुशकार्ट) में लादकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाना पड़ा. इस दौरान महिला की मदद को कोई सामने नहीं आया. सबको कोरोना वायरस का डर सता रहा था, जिसके चलते किसी ने नजदीक जाने की जहमत नहीं दिखाई.

महिला ने बताया कि वह अपने दो बच्चों के साथ पति के शव को ठेले पर लादकर अंतिम संस्कार के लिए ले गई. परिवार वाले और रिश्तेदार तक मदद के लिए नहीं आए. सबको लग रहा था कि उसके पति की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला और उसका परिवार आर्थिक चुनौतियों से भी जूझ रहा है. पैसे नहीं होने की वजह से उसको अपने पति के शव को ठेले में लादकर ले जाना पड़ा.

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दरअसल, बुधवार रात 55 वर्षीय सदाशिव हिरत्ती की घर पर मौत हो गई थी. इस दौरान उसकी पत्नी, बेटा और बेटी घर पर नहीं थे. जब मृतक की पत्नी बेटे और बेटी घर लौटे, तो दरवाजा खटखटाया. हालांकि सदाशिव ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद परिजन दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुए. परिजनों को सदाशिव एक कुर्सी पर मृत मिले.

बताया जा रहा है कि सदाशिव की मौत दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जब महिला को कहीं से मदद नहीं मिली, तो उसने अपने पति के शव को कपड़े में लपेटा और ठेले में लादकर श्मशान पहुंच गई. आपको बता दें कि चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. कोरोना वायरस के चलते लोग अपनों से भी दूरी बना रहे हैं.

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