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पंजाब-झारखंड का पेपर लीक मुद्दा गरमाया, कांग्रेस ने मान को तो बीजेपी ने हेमंत को घेरा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पंजाब और झारखंड में हुए पेपर लीक का मुद्दा गरमाया गया है. कांग्रेस ने भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तो बीजेपी झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर गई है.

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पंजाब पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन (Photo-ITG)
पंजाब पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन (Photo-ITG)

पंजाब पेपर लीक के मुद्दे ने सियासी तपिश बढ़ा दी है.कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संसद भवन परिसर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के अगुवाई में पार्टी के सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो झारखंड में हुए पेपर लीक का मुद्दा लेकर बीजेपी सड़क पर उतर गई है. 

फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और हाई टेक नकल का मामला गरमाता जा रहा है.  पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ छात्रों का गुस्सा बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए सियासी दलों ने सड़क पर उतरकर राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. 

पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सड़क से संसद तक विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर 'डिनायल मोड' में है. सीएम भगवंत मान तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, लेकिन विपक्ष अब इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. 

संसद में राजा वडिंग कर रहे विरोध प्रदर्शन  
पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिया है. संसद भवन परिसर में पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने राज्य में फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक और सफाई कर्मियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस के लोकसभा सांसद और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष  अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सरकार के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही है. 

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राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में छह बड़े पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करीब पांच लाख युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने मुख्य रूप से पंजाब सरकार की जवाबदेही, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई. राजा वडिंग ने कहा कि आखिर हरजोत सिंह बैंस अभी तक मंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं. पंजाब के शिक्षा मंत्री आखिर कब इस्तीफा देंगे?

फरीदकोट के छात्र आंदोलन में चन्नी की दस्तक
संसद भवन में कांग्रेस के सांसद विरोध कर रहे हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी फरीदकोट पहुंचे हैं, जहां पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होकर उनका साथ देंगे.उन्होंने मंगलवार को पोस्ट में लिखकर कहा था,'मैं  फरीदकोट जा रहा हूं ताकि पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे हमारे छात्रों का साथ दे सकूं. अब जवाबदेही और सभी के लिए समान अवसरों की मांग करने का समय आ गया है.' 

हालांकि, उन्होंने अपनी तस्वीर के साथ जो पोस्टर पोस्ट किया है, उसमें राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक की तस्वीर नहीं है. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि चन्नी क्या अकेले चेहरे के साथ पंजाब की सियासत में अपनी जगह बनाना चाहते हैं. 

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छात्र संगठन से जुड़े हुए लोग फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर रहा है. छात्रों की मांग है कि राज्य सरकार सख्त 'एंटी-पेपर लीक कानून' बनाए और ऐसी परीक्षा प्रणाली लागू करे जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा एक बार फिर से परीक्षा व्यवस्था पर बहाल हो सके. पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी इस छात्र आंदोलन में शिरकत करने पहुंचे हैं. 

पंजाब की सड़कों पर उतरकर कांग्रेस ने पेपर लीक का मुद्दा उठाकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. फरीदकोट में चन्नी उतरे हैं तो राजा वडिंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के युवाओं के साथ हैं और उनके साथ होने वाली सभी नाइंसाफियों के खिलाफ हम आंदोलन करेंगे. पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस राज्य में बड़ा आंदोलन करने जा रही है. 

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा है. उन्होंने कहा है कि दूसरे राज्यों में पेपर लीक के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी आवाज उठा रही है और पंजाब में चुप है. भगवंत मान को जवाब देना चाहिए कि फार्मेंसी एग्जाम का पेपर लीक कैसे हुआ, हजारों बच्चों और परिवारों का भविष्य जुड़ा मामला है. उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इसीलिए सरकारी की जवाबदेही और जिम्मेदारी दोनों तय होनी चाहिए. शिक्षा मंत्री का जब तक इस्तीफा नहीं हो जाता है, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. 

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साढ़े चार साल में 6 पेपर लीक का मामला

बता दें कि आम आदमी पार्टी की सरकार में छह पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिसे लेकर विपक्षी के नेता पंजाब के शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे है.कां ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने फार्मेसी भर्ती परीक्षा, कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा और ग्रुप-बी पेपर सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं.

19 जुलाई 2026 को 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी. यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने आयोजित की थी. परीक्षा के शुरू होने के कुछ ही देर बाद कुछ छात्र परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर चीटींग करते पकड़े गे थे. इस परीक्षा में हाई-टेक चीटिंग और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों में आक्रोश है और इसके खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस से लेकर बीजेपी और अकाली दल तक ने सड़क पर उतरकर मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार पूरे मामले से डिनायल कर रही है. 

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पेपर लीक से भगवंत मान का इनकार
पंजाब के पेपर लीक विवाद के बीच सीएम भगवंत मान ने अपने शिक्षा मंत्री का बचाव किया है. विपक्ष दलों ने आरोपों का जवाब देते हुए मान ने दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ. मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक जांच में नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें अभ्यर्थी कथित तौर पर ब्लूटूथ युक्त और डिजिटल पेन का इस्तेमाल कर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद लोगों तक प्रश्नपत्र पहुंचाते थे. वहां से उत्तर बताए जा रहे थे.


झारखंड पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में विरोध
झारखंड पेपर लीक के मुद्दा भी गर्मा गया है. झारखंड लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर बीजेपी ने आंदोलन तेज कर दी है. इसके लिए जिला स्तर से लेकर रांची में विरोध हो रहे हैं तो संसद भवन में बीजेपी के नेता प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्यसभा सदस्य और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा है कि जेएमएम, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारें युवाओं को पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने में पूरी तरह विफल रही हैं.

झारखंड सरकार के कार्यकाल में परीक्षा माफिया, दलालों और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिलने के आरोप लगातार सामने आते रहे, लेकिन जिम्मेदार सरकारों ने अपनी प्रशासनिक विफलताओं को स्वीकार करने की बजाय राजनीतिक बयानबाजी और लीपापोती का रास्ता अपनाया. बीजेपी ने आरोप लगाया कि झारखंड में पेपर लीक के दस मामले सामने आ चुके हैं. 

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जनवरी 2024 को आयोजित जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा की तीसरी पाली का सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद करनी पड़ी. इसके बाद फरवरी 2025 में झारखंड अधिविद्य परिषद की कक्षा दसवीं की हिंदी और विज्ञान परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए तथा दोनों परीक्षाएं रद करनी पड़ीं.

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