राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की योजना तैयार की है. सरकार का दावा है कि इसके तहत जर्जर विद्यालय भवनों की समस्या दूर करने के साथ ही स्कूलों में क्लासरूम की कमी को भी खत्म किया जाएगा. योजना के तहत प्रदेश में 3,587 नई स्कूल बिल्डिंग और 83,783 नए क्लासरूम बनाए जाएंगे. इसके अलावा हजारों स्कूलों की मरम्मत और नई सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है.
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 22,589 विद्यालयों में मेजर रिपेयर कर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जाएगा. वहीं, स्कूलों में जरूरी सुविधाओं के विस्तार के लिए 13,616 नए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा. सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपये के बजट से आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना है.
फिलहाल स्कूलों से जुड़े करीब 3,006 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रोसेस में हैं. इनमें 181 नए स्कूलों का निर्माण जारी है. इसके अलावा 518 नए स्कूल भवनों के लिए 620 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत हो चुके हैं या टेंडर प्रोसेस में हैं. वहीं, 894 नए स्कूल बिल्डिंग के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये के प्रस्ताव का लोन एक्सेप्ट किया गया है.
नए क्लासरूम और मरम्मत पर जोर
स्कूलों में जगह की कमी दूर करने के लिए फिलहाल 2,906 नए क्लास के निर्माण की दिशा में भी काम किया जा रहा है. इसके साथ ही स्कूल भवनों की मेजर रिपेयर और सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. शैक्षणिक, आवासीय और अन्य विशेष सुविधाओं के विकास पर 936.34 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है.
सरकार ने सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया है. इसके लिए करीब 1,087 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस राशि से प्रदेश में 9,000 स्मार्ट क्लासेज और 7,000 आईसीटी लैब्स विकसित की जाएंगी. विद्यार्थियों तक डिजिटल शिक्षा की पहुंच आसान बनाने के लिए 80 हजार टैबलेट उपलब्ध कराने की भी योजना है.
विधायक कोष से भी स्कूलों पर खर्च
सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में विधायक कोष का भी इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, विधायक कोष की 20 प्रतिशत राशि सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे पर खर्च की जाएगी. डांग, मगरा और मेवात योजनाओं के तहत भी बजट बढ़ाया गया है. इसके जरिए विद्यालयों की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं पर काम किया जाएगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार 5,000 ग्राम पंचायतों में 750 करोड़ रुपये की लागत से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करेगी. इन केंद्रों के जरिए गांवों में ज्ञान और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने की योजना है. इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान और स्टेडियम जैसी खेल सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा.
राज्य सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को सुरक्षित भवनों से लेकर आधुनिक और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट स्कूलों' के रूप में विकसित करना है.