पंजाब विधानसभा के सभी 117 सदस्यों के लिए फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव होना है. वर्तमान में भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री हैं. चुनाव में लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से मिशन पंजाब के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. बात करें आम आदमी पार्टी (AAP) की तो उनके सांसदों के पार्टी छोड़ने से काफी नुकसान होने की संभावना है (Punjab Assembly Elections 2027).
18 सितंबर 2021 को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के अंदर चल रहे मतभेदों के कारण अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को नया मुख्यमंत्री बनाया गया. इसके कुछ समय बाद, 27 अक्टूबर 2021 को अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि वे चुनाव लड़ने के लिए अपनी नई पार्टी बनाएंगे. फिर 2 नवंबर 2021 को उन्होंने आधिकारिक तौर पर INC से इस्तीफा दे दिया और अपनी नई पार्टी Punjab Lok Congress की स्थापना की.
जून से नवंबर 2021 के बीच, AAP के पांच विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए. इसके बाद जनवरी 2022 तक, कांग्रेस के चार विधायक भाजपा में शामिल हो गए, हालांकि उनमें से एक बाद में वापस कांग्रेस में लौट आए थे.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सोमवार को आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार पंजाब दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने लुधियाना मेंBJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में हिस्सा लिया है. इस बैठक में आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई है.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिन के पंजाब के दौरे पर हैं. जहां दौरे के पहले दिन वो अमृतसर पहुंचे. नितिन नवीन ने सबसे पहले सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर गुरुघर का आशीर्वाद लिया और सरबत के भले की अरदास की. इस दौरान उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब परिसर का भी भ्रमण किया और सिख परंपराओं के प्रति सम्मान प्रकट किया. देखें.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने पंजाब दौरे की शुरुआत की है. साल 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर उनका यह दौरा पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज से तीन दिवसीय पंजाब दौरे पर हैं. इस दौरान वो अमृतसर, जालंधर, फगवाड़ा और लुधियाना में धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे. आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वो कई राजनीतिक और संगठनात्मक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे. इस दौरान वो योग दिवस कार्यक्रम, रोड शो, कॉन्क्लेव और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे.
विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गई है. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की लगातार बैठकों, ऑब्जर्वर कमेटी की कवायद और स्थानीय चुनावों के नतीजों ने PCC में बदलाव की चर्चाओं को हवा दे दी है.
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले SAD-BJP गठबंधन की चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि बीजेपी कभी जूनियर पार्टनर की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी देश और दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा में रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में जुटने और भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की अपील की. उन्होंने निकाय चुनाव में मिली सफलता को सरकार के काम पर जनता की मुहर बताया.
पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. पंजाब चुनावों को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का नेतृत्व के सवाल पर एक बयान आया है. पंजाब कांग्रेस किस ओर बढ़ेगी? इसे लेकर अब चर्चा तेज हो गई है.
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद रणनीति की कमान संभाल रहे हैं. अकाली दल से दूरी बनाकर BJP सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का अभियान शुरू कर चुकी है.
पंजाब बीजेपी में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व IAS अधिकारी जगमोहन सिंह राजू ने प्रदेश महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने संगठन को पत्र लिखकर भविष्य में कोई भी पद नहीं देने का अनुरोध किया है. राजू अब पंजाब से जुड़े सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर ज्यादा समय देना चाहते हैं.
बीजेपी ने 2027 की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है. रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की राजनीति में सक्रिय करने, केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और दूसरे दलों से नेताओं को जोड़ने की रणनीति के जरिए पार्टी राज्य में नया सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है.
केरलम में जीत के बाद कांग्रेस की नजर अब उत्तर प्रदेश और पंजाब पर है. पंजाब में गुटबाजी और कमजोर प्रदर्शन, जबकि यूपी में संगठन, गठबंधन और सीट बंटवारे की चुनौतियां पार्टी के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा बनकर खड़ी हैं.
पंजाब में आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. खास बात यह है कि कभी आम आदमी पार्टी को पंजाब में बंपर जीत दिलाने वाले मास्टरमाइंड संदीप पाठक और राघव चड्ढा अब बीजेपी के रणनीतिकार बन चुके हैं. संगठन विस्तार और ड्रग्स की समस्या को केंद्र में रखकर बीजेपी अकेले दम पर सरकार बनाने का ताना-बाना बुन रही है.
पंजाब के नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 56 निकायों में जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा पिछड़ गए हैं। आठ नगर निगमों में से पांच पर AAP ने कब्जा जमाया है.
नितिन नवीन ने जिन चार राज्यों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, पंजाब में 76 साल के केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपा जाना, और दिल्ली में सरकार बनने के बाद वीरेंद्र सचदेवा की विदाई महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल की जीत के बाद नितिन नवीन के लिए अगला चैलेंज तो पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 है.
भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा में प्रदेश अध्यक्षों के बदलाव किए हैं. पंजाब में केवल सिंह ढिल्लन को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पूर्व कांग्रेस नेता और प्रभावशाली जाट सिख चेहरे हैं.
पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों की वोटिंग खत्म हो चुकी है. लेकिन असली सियासी मुकाबला अभी 29 मई के नतीजों पर आकर टिक गई है. ये चुनाव सिर्फ मेयर और पार्षद चुनने कि कवायद वहीं बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. ये नतीजे सिर्फ शहरों की सरकार नहीं तय करेंगे बल्कि ये भी बताएंगे कि 2027 के सेमी फाइनल में किसकी पकड़ मजबूत है.
पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है, जिसमें आठ नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायत शामिल हैं. बैलेट पेपर से हो रहे इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सबसे ज्यादा उम्मीदवार उतारे हैं. इसके साथ ही चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए 32,000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं.
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भाजपा ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. 'आप' की मुश्किलें और SAD की कमजोरी के बीच, भाजपा इस बार पंजाब के सियासी समीकरणों को अपने दम पर बदलने के बड़े प्रयोग में जुट गई है.
पंजाब के 105 स्थानीय निकाय के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के लिए 26 मई को चुनाव है. इन चुनाव को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा रहा है, जिसके चलते राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए एसआईआर (SIR), ईंधन की बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. वहीं पंजाब सरकार ने शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए 72 शिक्षकों के दल को फिनलैंड ट्रेनिंग के लिए रवाना किया है.