scorecardresearch
 

'बिखरे विपक्ष' को CJP आंदोलन ने दिया चांस, बढ़ेगी सरकार की टेंशन?

पेपर लीक मामले को लेकर जंतर मंतर पर सीजेपी की अगुवाई में चल रहे छात्र आंदोलन पर पुलिस के एक्शन को लेकर विपक्ष ने आक्रामक तेवर अपना रखा है. इस मुद्दे ने बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट कर दिया है. अब वह सड़क से लेकर संसद तक सरकार को कठघरे में खड़ा करता नजर आ रहा.

Advertisement
X
जंतर मंतर पर आंदोलन करती सपा सांसद डिंपल यादव (Photo-PTI)
जंतर मंतर पर आंदोलन करती सपा सांसद डिंपल यादव (Photo-PTI)

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'संसद चलो' मार्च और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों ने देश की राजनीति को गर्मा दिया है. पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उठे युवा आंदोलन ने बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट और मुखर होने का एक मजबूत हथियार दे दिया है. संसद से सड़क तक विरोध तेज होने से केंद्र सरकार की चिंताए बढ़ गई हैं. 

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन के अंदर विपक्ष के तीखे तेवर दिखे तो संसद के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन की गूंज रही. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज से विपक्ष को सरकार पर दबाव बढ़ाने का मौका मिल गया है. 

विपक्ष ने पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और कई दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरना शुरू कर गिया है. पेपर लीक पर पहले से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दल अब संसद के अंदर इस मुद्दे को पूरे दमखम के साथ उठाने की रणनीति बनाई है.

सीजेपी आंदोलन से बैकफुट पर सरकार
कॉकरोच जनता पार्टी के अगुवाई में पेपर लीक के मुद्दे पर तीन हफ्तों से चल रहे आंदोलन को अनदेखा करती रही. संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिल्ली की सड़कों पर हजारों युवाओं के अप्रत्याशित जमावड़े ने प्रशासन को असहज कर दिया. लंबे समय से चुप्पी साधे बैठी केंद्र की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के तेवर देखकर बातचीत की पेशकश की. 

Advertisement

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का सीजेपी प्रतिनिधियों से सोमवार को मुलाकात करना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार आंदोलन के बढ़ते प्रभाव से दबाव महसूस कर रही है. जंतर-मंतर से युवाओं का संसद कूच के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस व लाठीचार्ज की तस्वीरों ने जनमानस को झकझोर दिया. पुलिसिया बल प्रयोग ने सरकार के रुख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, जिससे बैकफुट पर आई सरकार को रक्षात्मक सफाई देनी पड़ी. 

जंतर मंतर पर रेणुका चौधरी

बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट कर दिया
मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ था, लेकिन सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज ने उन्हें एकजुट कर दिया है. संसद और सड़क पर अपनी बात को आक्रामक तरीके से रखने में संघर्ष कर रहे विपक्षी दलों के लिए सीजेपी आंदोलन सियासी संजीवनी माना जा रहा है.यही नहीं विपक्ष को फिर से मुखर होने का एक मजबूत हथियार दे दिया है. विपक्ष को बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और शिक्षा प्रणाली की विफलताओं पर सरकार को घेरने के लिए एक तैयार सामाजिक धरातल मिल गया,

कांग्रेस से लेकर सपा और आरजेडी सहित तमाम विपक्षी पार्टी एक सुर में सरकार पर निशाना साधती नजर आईं. कांग्रेस, सपा और अन्य प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने बिना देर किए छात्रों और सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ही इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति से विपक्ष की एकजुटता और मुखरता साफ झलक रही है.

Advertisement

विपक्षी दल की बैठक

विपक्षी दलों ने संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरने में कोई रियायत नहीं बरती. कांग्रेस अध्यक्ष, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में पेपर लीक से लेकर छात्रों के आंदोलन पर हुई सख्ती का मुद्दा उठाया और सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया. सपा भी छात्रों के समर्थन में आई. सांसद चंद्रशेखर आजाद धरने पर बैठ गए हैं. 

विपक्ष का आरोप है कि देश के बड़े मुद्दों पर जवाब देने से सरकार बच रही है. विपक्ष चाहता है कि सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो .जवाबदेही तय हो और सरकार अपना पक्ष रखे.  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने साफ कहा कि संसद देश के बच्चों की है और किसी की जागीर नहीं है. यह देश के बच्चे हैं, देश के भविष्य हैं. पार्टी के  संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर लोगों की चिंताओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया.

सपा ने खोला सड़क से सांसद तक मोर्चा
जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में सपा खुलकर खड़ी नजर आई. छात्रों की मांगों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के कई सांसदों ने वरिष्ठ नेता डिंपल यादव की अगुवाई में संसद भवन से जंतर मंतर तक मार्च किया, सपा सांसदों ने अपने हाथों में ‘नीट है या चीट है’ की तख्तियां ले रखी थीं, हालांकि, उन्हें रास्ते में रोक दिया गया.
 
सपा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि डिंपल यादव को हिरासत में लेना निंदनीय और अलोकतांत्रिक है. बाद में सपा ने डिंपल यादव की संसद मार्ग थाने की तस्वीरें भी साझा की. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नीट छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का प्रयोग, लाठीचार्ज और पथराव कर रही है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement