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'हां, हमारे बीच मतभेद हैं, हमारे अपने तर्क हैं, लेकिन...', बांग्लादेश पर भारत ने साफ माना

भारत-बांग्लादेश संबंधों में लंबे समय से स्थिरता नहीं है. अब ढाका में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने माना है कि भारत-बांग्लादेश के बीच मतभेद हैं. और दोनों के अपने अपने लॉजिक हैं. हालांकि उन्होंने भरोसा जताया है कि संबंध पटरी पर आएंगे और बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान भारत दौरे पर आएंगे.

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दिनेश त्रिवेदी ने कुछ ही दिन पहले PM तारिक रहमान से मुलाकात की थी. (Photo: ITG)
दिनेश त्रिवेदी ने कुछ ही दिन पहले PM तारिक रहमान से मुलाकात की थी. (Photo: ITG)

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बांग्लादेश में भारत के कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने बड़ा बयान दिया है. ढाका में आयोजित एक डिनर में दिनेश त्रिवेदी ने यह माना कि दो संप्रभु देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं और उन्हें अपने-अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए जगह की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने अपने स्पेस चाहिए, हमारे बीच मतभेद हैं. हमारे अपने लॉजिक हैं, लेकिन लोकतंत्र में संवाद से चीजों को ठीक किया जा सकता है. 

उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का ये बयान तब आया है जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने से लगभग इनकार कर चुके हैं. बांग्लादेश ने कहा है कि पीएम तारिक रहमान की यात्रा के लिए भारत को 'माहौल' बनाना चाहिए. 

ब्रिक्स सम्मेलन नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाला है. इस बीच पीएम रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.  यह अनिश्चितता ढाका द्वारा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के कारण दोनों देशों के संबंधों में आई नई खटास की वजह से है. 

ढाका में बांग्लादेश में आयरलैंड के कॉन्सल मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान की ओर से आयोजित वेलकम डिनर में बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा कि बांग्लादेश और भारत दो संप्रभु देश हैं और वे न सिर्फ़ एक बॉर्डर शेयर करते हैं, बल्कि एक "सपना भी शेयर करते हैं."

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हमारे सामने चुनौतियां हैं. इसमें कोई शक नहीं है

त्रिवेदी ने कहा, "हमारे सामने चुनौतियां हैं. इसमें कोई शक नहीं है. और अगर चुनौतियां न हों, तो वह लोकतंत्र नहीं है." उन्होंने दोनों देशों के बीच के मुद्दों को सुलझाने में बातचीत के महत्व पर ज़ोर दिया.

उन्होंने कहा, "मुद्दे बातचीत से ही सुलझाए जा सकते हैं, और मुझे पूरी उम्मीद है." उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री रहमान का भारत दौरा "बहुत जल्द" होगा. 

'माहौल' पर अड़ा बांग्लादेश

त्रिवेदी का यह बयान बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ए के एम शाहिदुल करीम के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के अधिकारी कई हफ़्तों से संपर्क में हैं, लेकिन इस दौरे के लिए "सही माहौल" बनाने की ज़रूरत है. 

पीएम रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को "जनता की पसंद" बताते हुए उन्होंने कहा कि जब दोनों नेता मिलते हैं और बातचीत करते हैं, तो कोई भी मुद्दा बिना चर्चा के नहीं छोड़ा जा सकता है.

साथ ही त्रिवेदी ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों संप्रभु देशों के बीच मतभेद होंगे और उन्हें अपने-अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए जगह की आवश्यकता होगी. 

हमारे बीच मतभेद, बहस होती है

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उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों को अपने अपने स्पेस चाहिए,  हमारे बीच मतभेद हैं,  हमारे बीच बहस होती है. लेकिन चलिए यह ठीक है. मेरा उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के बीच एक स्वर्णिम काल बनाना है."

त्रिवेदी ने कहा कि साझा लक्ष्य न केवल दोनों देशों में बल्कि दुनिया भर में लोगों के लिए सम्मान और पारस्परिक सम्मान सुनिश्चित करना होना चाहिए. 

5 अगस्त को नई दिल्ली से हसीना की वर्चुअल मीडिया बातचीत के बाद संबंधों में हालिया गिरावट के बीच रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है. बांग्लादेश ने मीडिया से बातचीत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना ने उसके लोगों की भावनाओं को आहत किया है और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हसीना से जुड़े मीडिया इवेंट में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस फ़ोरम में बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है. 

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