प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) उत्तर प्रदेश की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव हैं (Priyanka Gandhi General Secretary). उन्हें पार्टी ने 2024 विधानसभा चुनाव के लिए वायनाड सीट से उम्मीदवार चुना और उन्हें जीत हासिल की (2024 Assembly Election). वह राजीव गांधी फाउंडेशन की ट्रस्टी भी हैं (Priyanka Gandhi Trusty, Rajeev Gandhi Foundation). गांधी नियमित रूप से रायबरेली और अमेठी में अपनी मां, सोनिया गांधी और भाई, राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करती थीं.
2004 के भारतीय आम चुनाव में, वह अपनी मां की अभियान प्रबंधक थीं और उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के अभियान में सात दिया था. 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उन्होंने अमेठी रायबरेली क्षेत्र की दस सीटों पर ध्यान केंद्रित किया. वहां दो सप्ताह बिताकर सीट आवंटन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर काफी अंदरूनी कलह को खत्म करने की कोशिश की. जबकि राहुल गांधी ने राज्यव्यापी अभियान का प्रबंधन किया. प्रियंका को 11 सितंबर 2020 को पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया था (Priyanka Gandhi Political Career).
प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को नई दिल्ली (New Delhi) में हुआ था (Priyanka Gandhi Age). उनके पिता राजीव गांधी (Rajeev Gandhi), भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे और मां सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) हैं (Priyanka Gandhi Parents). वह राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की बड़ी बहन हैं (Priyanka Gandhi Brother). वह फिरोज (Firoz) और इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की पोती हैं.
प्रियंका गांधी ने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली और कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी, दिल्ली से की है. उन्होंने जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में 2010 में बौद्ध अध्ययन में मास्टर डिग्री हासिल की (Priyanka Gandhi Education). वह बौद्ध दर्शन का पालन करती है और एस एन गोयनका द्वारा सिखाए गए विपश्यना का अभ्यास करती है (Priyanka Gandhi Follows Buddhist Philosophy).
उनकी शादी 18 फरवरी 1997 को दिल्ली के एक व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) से हुई है (Priyanka Gandhi Husband). उनके दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी (Priyanka Gandhi Children).
संसद में जहां आमतौर पर तीखे टकराव और हंगामा देखने को मिलता है, वहीं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान के दौरान एक अलग तस्वीर नजर आई. प्रधानमंत्री को विपक्ष ने शांत रहकर सुनने का फैसला किया. सियासी सरगर्मी के बीच विपक्ष का यह संयम और परिपक्वता एक दुर्लभ क्षण था, जिसने दिखाया कि राष्ट्रीय मुद्दे राजनीति से ऊपर होते हैं.
असम कांग्रेस के भीतर का असंतोष चुनाव से पहले भारी पड़ रहा है. महीने भर से नाराज नेता कांग्रेस छोड़ते जा रहे हैं, और वे बीजेपी में शामिल हो चुके हैं - और ये सब तब हो रहा है, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी असम चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं.
लोकसभा में एलपीजी संकट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम एपस्टीन विवाद से जोड़ा. इसकी वजह से विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई. राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिली और वो सदन से बाहर चले गए.
अमित शाह ने राहुल गांधी के उपस्थिति को लेकर टिप्पणी की है कि उनकी उपस्थिति बहुत कम है. उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव राहुल गांधी पर नहीं था बल्कि स्पीकर पर था, इसलिए इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए. अमित शाह ने सदन में उपयोग किए गए शब्दों का भी जिक्र किया और बताया कि स्पीकर ने उन्हें रोकने का काम नहीं किया. इस मुद्दे पर राजनीति चल रही है और जिम्मेदारी समझनी जरूरी है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने LPG सिलेंडर की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रेड डील में अमेरिका के सामने झुकने का काम किया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं.
केरलम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अभी से ही काफी गंभीर लग रही है, क्योंकि उसे सत्ता परिवर्तन की काफी उम्मीद लग रही है. लिहाजा, मुख्यमंत्री पद के चेहरों में होड़ भी शुरू हो गई है, और वीडी सतीशन और केसी वेणुगोपाल रेस में आगे बताए जा रहे हैं.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोला और प्रियंका गांधी की तारीफ की.
केरल के वायनाड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2024 भूस्खलन पीड़ितों के लिए बन रहे घरों के शिलान्यास के मौके पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से जुड़ा एक किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि नेताओं को अपने बारे में अधिक खुला व पारदर्शी होना चाहिए.
असम दौरे पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि इस प्रदेश में भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या बन चुका है. जहाँ भी आप देखेंगे, किसी न किसी ने पैसों की मांग या रिश्वत लेकर काम किया है. यहाँ बड़े-बड़े उद्योग और निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन हर जगह पैसों के लेन-देन की बात सामने आती है.
असम के दौरे पर प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में महिलाओं की स्थिति पर नजर डालें तो कई महिलाएं आर्थिक सहायता पाती हैं. सरकार चुनाव से पहले महिलाओं को पैसे भेजती है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की गई. अपराध दर बढ़ रही है और महिलाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर मिलने कम हुए हैं.
असम में रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने बीजेपी को बेरोजगारी के मुद्दे पर जमकर घेरा. देखें.
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. इसके मद्देनजर प्रियंका गांधी राज्य के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची हैं. उन्होंने आगामी चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया.
प्रियंका गांधी का कहना है कि इस चार्जशीट को बनाने के लिए तीन महीने तक जनता से संवाद किया गया और उनसे समस्याएं पूछी गई थीं. इसके बाद जनता की राय को चार्जशीट में जगह दी गई है. विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी दल कांग्रेस ने यह चार्जशीट जारी की है.
असम चुनाव को लेकर एक्टिव हुई कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी दो दिन के दौरे पर गुवाहाटी पहुंच गई हैं. प्रियंका गांधी ने कामाख्या मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की है.
असम दौरे पर प्रियंका गांधी, मां कामाख्या के दरबार में लगाई हाजिरी. असम में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कौंग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को मैदान में उतारा गया है
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने असम दौरे की शुरुआत नीलांचल पहाड़ी पर स्थित शक्तिपीठ मां कामाख्या देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ की. प्रियंका अपने नए सियासी प्रयोग से क्या असम में बीजेपी के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस को दोबारा उबार पाएंगी?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी असम में दो दिनों का दौरा करेंगी जहां वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मिलकर चुनाव की रणनीति पर महत्वपूर्ण बैठकें करेंगी. वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगी और 21 कांग्रेस विधायकों व 35 जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों पर चर्चा करेंगी.
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हैं, जिनकी संगठन पर मजबूत पकड़ है. एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह बेहद चतुर रणनीतिकार हैं. जमीनी नेटवर्क मजबूत है और हमारी कमजोर सीटों पर खास नजर है. इसलिए जमीनी मुकाबले के लिए पूरी तैयारी करनी होगी.
संसद के बजट सत्र में इस बार राजनीतिक टकराव, बयानबाजी और रणनीति के बीच कई दिलचस्प नजारे देखने को मिले. राहुल और प्रियंका गांधी का शांत अंदाज, सरकार-विपक्ष की खींचतान, प्रस्तावों की राजनीति और मकर द्वार की हलचल ने पूरे सत्र को अलग रंग दिया. पढ़ें एक रिपोर्टर का नजरिया...
डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश ने दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से अहम बैठकें कीं. शिवकुमार ने, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की. इस बैठक को मुख्यमंत्री पद और सत्ता बंटवारे से जुड़ी रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि वे सदन में आते हैं लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता. खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक मिनट के लिए भी बोलने नहीं दिया जाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है.