मॉनसून की रफ़्तार भले ही सुस्त पड़ी हो लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत को अभी गर्मी से राहत मिलती रहेगी. मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 से 22 जून के दौरान एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है.
वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस हफ़्ते पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. जबकि 19 जून, 2026 तक विदर्भ में, 18 जून तक तेलंगाना में और 17 जून तक छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर लू (हीटवेव) की स्थिति बनी रह सकती है.
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अगले 4-5 दिनों के दौरान तेलांगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में 16-22 जून तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है.
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जबकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-19 जून और 22 जून, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17-18 जून और 21-22 जून के दौरान कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली-एनसीआर पर भी दिखाई देगा. मौसम विभाग के मुताबिक, 16 से 19 जून तक दिल्ली-एनसीआर के आसमान में जहां बादलों की आवाजाही जारी रहेगी वहीं, शाम होते-होते आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
बता दें कि मॉनसून की रफ़्तार अभी काफी सुस्त है. अरब सागर के ऊपर मॉनसून के बादल भी सैटेलाइट तस्वीरों में नदारद दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर पश्चिम भारत में तापमान अभी भी सामान्य से नीचे है. जून के महीने में फिलहाल हीटवेव से राहत मिल रही है.