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Mumbai Monsoon: मुंबई में मॉनसून का लंबा इंतजार, 25 जून के बाद ही बारिश के आसार, 68 साल में पहली बार हुआ ऐसा!

Monsoon Rain: इस साल मॉनसून ने मुंबईवालों को निराश किया है. आमतौर पर जून के शुरू में ही तेज बारिश की गतिविधियां देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार बादल नदारद हैं. शहर में अब तक सिर्फ 13 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से बहुत कम है. ऐसे में दो दशक का सबसे सूखा जून बनने का खतरा मंडरा रहा है.

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Mumbai Monsoon Updates (File Photo- PTI)
Mumbai Monsoon Updates (File Photo- PTI)

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार धीमी होने की वजह से जून महीने में अब तक देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस महीने के पहले 15 दिनों में देश का 71 प्रतिशत हिस्सा बारिश की कमी झेल रहा है.

देश में जून महीने में औसत बारिश 165.3 मिलीमीटर रहती है. पहले 15 दिनों में 62.1 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद थी, लेकिन सिर्फ 42.4 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है. केरल में मॉनसून के आगमन और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हुई बारिश को मिलाकर भी कुल आंकड़ा कम रहा है.

महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी
महाराष्ट्र में तो स्थिति और भी खराब है. राज्य में जून के पहले 15 दिनों में सिर्फ 21.3 मिलीमीटर बारिश हुई है. जबकि सामान्य बारिश इससे कहीं ज्यादा होनी चाहिए थी. इस हिसाब से राज्य में करीब 72 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है.

जलगांव, जलना, बीड, धाराशिव, नांदेड़, अकोला और अमरावती जैसे कुछ जिलों में बारिश सामान्य स्तर पर हुई है. वहीं, राज्य के कई अन्य इलाकों में अब भी मॉनसून की अच्छी बारिश का इंतजार है.

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महाराष्ट्र में अटका मॉनसून, ओडिशा-बिहार पहुंचा
भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि सोमवार को मॉनसून ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है लेकिन महाराष्ट्र में इसके रुकने की मुख्य वजह अरब सागर के ऊपर अनुकूल परिस्थितियों का न होना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र में मॉनसून फिर एक्टिव हो सकता है.

मॉनसून की रफ्तार हुई कछुए की चाल! मुंबई में बारिश का इंतजार लंबा, अल नीनो ने लगाया ब्रेक
 

बता दें कि महाराष्ट्र में 8 जून को मॉनसून की एंट्री हुई थी. उस समय रत्नागिरी के हरनई से लेकर सातारा और सोलापुर तक दक्षिण महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश हुई लेकिन इसके बाद रफ्तार धीमी पड़ गई. विदर्भ और मराठवाड़ा के सिर्फ कुछ इलाकों में ही बारिश हुई. वहीं, ऊपरी हिस्सों में सूखी उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिससे बादल बनने में दिक्कत हो रही है. ऐसे में उत्तर महाराष्ट्र और विदर्भ में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक चला गया है.

महाराष्ट्र में सुस्त पड़ा मॉनसून कब पकड़ेगा रफ्तार?
मौसम विभाग ने बताया कि 20 जून के आसपास अरब सागर की स्थिति सुधरने की उम्मीद है. इससे तटीय इलाकों में बारिश बढ़ेगी और पूरे राज्य में मॉनसून की गतिविधि फिर शुरू हो सकेगी. 

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मुंबई में कब होगी मॉनसून की बारिश?
मुंबई में 11 जून की सामान्य तारीख निकल चुकी है, लेकिन अब तक भारी बारिश नहीं हुई. शहर में सिर्फ 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से बहुत कम है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब 25 जून के बाद ही मुंबई में अच्छी बारिश के आसार हैं. 20 जून के बाद मॉनसून की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है. 

पुणे में 1958 के बाद पहली बार सूखा
पुणे में इस बार मॉनसून की शुरुआत बहुत सूखी रही है. शिवाजीनगर मौसम केंद्र पर जून के पहले 15 दिनों में बिल्कुल बारिश नहीं हुई. यह 1958 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है. IMD के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1901 से अब तक ऐसी लंबी सूखी अवधि 1915 और 1932 में भी देखी गई थी. लेकिन उन सालों में बाद में जून में अच्छी बारिश हुई थी. 1915 में 362 मिलीमीटर, 1932 में 79 मिलीमीटर और 1958 में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. 

पुणे के लोहगांव में जून की शुरुआत में भारी बारिश हुई थी और हडपसर में भी कुछ बारिश हुई, लेकिन शहर के ज्यादातर इलाकों में पिछले एक दशक में सबसे सूखी मॉनसून की शुरुआत देखने को मिल रही है. IMD ने कहा कि अभी मॉनसून की हवाएं मजबूत नहीं हैं, इसलिए अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं दिख रही हैं.

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