दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान 'गीतांजलि' नाम की महिला और एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ पुलिस ने मारपीट की. दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को 'झूठा और भ्रामक' बताते हुए लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की.
दरअसल, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि के बाल खींचे, एक 12 साल की बच्ची के सिर पर चोट लगी और 40 से 50 अन्य प्रदर्शनकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए. उनके इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही यह जानकारी पूरी तरह गलत है.
दिल्ली पुलिस ने कहा, 'गीतांजलि नाम की महिला, 12 वर्षीय बच्ची पर हमले और 40-50 लोगों के सिर फूटने जैसी बातें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. कृपया ऐसी झूठी और भ्रामक जानकारी को साझा या बढ़ावा न दें.' हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान किसी के घायल होने या न होने को लेकर अलग से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन वायरल पोस्ट में किए गए सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया.
दिल्ली पुलिस के खंडन के बाद सौरव दास ने एक और पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उनका इशारा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की साथी गीतांजलि अंगमो की ओर था. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि अंगमो के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की. दास ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल
इस बीच, सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट-यूजी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा. सीजेपी का दावा है कि जेपी नड्डा ने उनकी मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने का आश्वासन दिया है.
सीजेपी का 'संसद चलो' अभियान नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ था. प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की और दिनभर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक प्रोटेस्ट में कई पुलिसकर्मी और पैरामिल्ट्री फोर्स के जवान घायल हुए. पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन के आस-पास कई गाड़ियों में तोड़ फोड़ की गई. दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और इस मामले में केस दर्ज करेगी.