कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ‘झूठ की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. सुरजेवाला ने कहा कि ‘झूठ की गूंज’ वेबसाइट पीएम की मित्र मंडली ने बनाई है. उन्होंने वेबसाइट के जरिए झूठा प्रचार करने के लिए तंज कसते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं.
सुरजेवाला ने कहा कि देश में चीनी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. चीनी की कीमत 45 रुपये प्रति किलो से बढ़कर अगस्त में 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. यह त्योहारों के समय आम लोगों पर महंगाई का बड़ा बोझ है.
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चीनी की बढ़ी कीमतों से चार महीने में जनता पर करीब 36 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त मार पड़ेगी. त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है. अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की खपत करीब 120 लाख टन रहने का अनुमान है.
उन्होंने कहा कि देश में हर महीने औसतन 24 लाख टन चीनी की खपत होती है. त्योहारों के महीनों में यह बढ़कर करीब 30 लाख टन प्रति महीना हो जाती है. इस दौरान सावन, राखी, ईद, गणेश चतुर्थी, ओणम, नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहार आते हैं.
सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप
सुरजेवाला ने कहा कि साल 2025-26 का ओपनिंग शुगर स्टॉक 50 लाख टन था. पिछले साल यह 80 लाख टन था. यानी इस बार स्टॉक 30 लाख टन कम था.
उन्होंने ISMA की 30 अप्रैल 2026 की प्रेस रिलीज का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि देश में 2025-26 में चीनी उत्पादन 275 लाख टन रहा. वहीं सरकार की ओर से 343 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान बताया गया था.
सुरजेवाला का आरोप है कि अप्रैल के आखिर तक सरकार को चीनी की कमी का अंदाजा हो गया था. इसके बावजूद समय रहते कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर इस समस्या को नजरअंदाज करती रही.
सुरजेवाला ने कहा कि 20 अगस्त को सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि यह चीनी ब्राजील से समुद्री रास्ते से आएगी. इसे भारत पहुंचने में 50 से 60 दिन लग सकते हैं. इसके बाद कच्ची चीनी को रिफाइन करने में 10 से 15 दिन और लगेंगे. ऐसे में यह चीनी नवंबर के आखिर तक बाजार में पहुंच सकती है. तब तक त्योहारों का मुख्य सीजन खत्म हो जाएगा.
पेट्रोल और गैस की कीमतों पर भी कसा तंज
सुरजेवाला ने सरकार के फैसलों और भाजपा मंत्रियों (कैलाश विजयवर्गीय और श्रवण कुमार) के बयानों तंज भी कसा. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल महंगा करके मोटापा घटाया जा रहा है. गैस के दाम बढ़ाकर कम खाने और फिट रहने की सीख दी जा रही है. खाने का तेल महंगा करके लोगों को दिल की बीमारी से बचाने की कोशिश बताई जा रही है. उन्होंने पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर कटाक्ष किया.
सुरजेवाला ने सुभाष चंद्र मामले में NCLT के आदेश को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की लूट को हेयरकट बताया जा रहा है. उनका आरोप है कि NCLT के जरिए कॉरपोरेट्स को कर्ज में राहत दी जा रही है.
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पुराने बयान का भी हवाला दिया. सुरजेवाला ने कहा कि वित्त मंत्री को बताना चाहिए कि पिछले 12 सालों में NCLT के जरिए कितने करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है.