एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बन गए हैं. वे राम मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. CEO बनने पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र भावुक नजर आए.
CEO का दायित्व संभालने पर जितेंद्र मिश्र ने चयन समिति, राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्री राम का आभार जताया है.
CEO बनने पर जितेंद्र मिश्र ने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को अपना सौभाग्य मानते हैं. उन्होंने कहा कि वे इस मौके पर खुद को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति महसूस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी इस खुशी को सबसे पहले अपनी मां और परिवार के साथ साझा किया.
जितेंद्र मिश्र ने अपने चयन पर चयन समिति का आभार जताया है. उन्होंने चयन समिति का आभार जताते हुए कहा कि यह बहुत सख्त प्रक्रिया थी. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बातचीत के बाद तय किया जाएगा कि ट्रस्ट की प्राथमिकताएं क्या होंगी.
उनका कहना है कि ट्रस्ट के विश्वास से और अपने टीम के साथ मिलकर वे राम मंदिर के लिए बेहतर से बेहतर काम करने की कोशिश करेंगे.
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ऑपरेशन सिंदूर से राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनने तक के अपने सफर पर बात करते हुए जितेंद्र मिश्र भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम की इच्छा से ही यह सब हो पाया है. उनका कहना है कि बिना प्रभु की इच्छा के वे कुछ भी नहीं कर सकते हैं, जैसा ईश्वर का आदेश होगा, वे वैसा काम करेंगे.
राम मंदिर ट्रस्ट में हुई चढ़ावा चोरी को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी काम करने से पहले इतिहास से सीख लेनी चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे आगे भी बढ़ना चाहिए. उनका कहना है कि वे ईश्वर से कामना करते हैं कि ईश्वर उन्हें इस दायित्व को निभाने की शक्ति दें.
बता दें, ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए 5500 से अधिक आवेदन मिले थे. तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने जांच के बाद तीन नामों का पैनल सौंपा था, जिसमें से मिश्र का चयन हुआ है.