
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में होने वाले कार्यक्रम को पुलिस ने हरी झंडी दे दी है. 22 अगस्त को 'छात्रों की गूंज' नाम से यह कार्यक्रम आयोजित होगा. पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के साथ आयोजकों के सामने 30 शर्तें रखी हैं. इनमें आपत्तिजनक तस्वीर, पोस्टर या बैनर लगाने पर रोक भी शामिल है.
यह कार्यक्रम खास तौर पर छात्राओं के लिए रखा गया है. इसमें शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. कार्यक्रम पुणे के आरटीओ चौक के पास SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक होगा. पुलिस के मुताबिक, इसमें करीब 8 से 10 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है.
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आपत्तिजनक पोस्टर और धार्मिक भावनाओं पर रोक
पुलिस की तरफ से जारी अनुमति में कहा गया है कि कार्यक्रम में कोई आपत्तिजनक तस्वीर, फोटो या बैनर नहीं लगाया जाएगा. आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों. अगर किसी तरह की घटना होती है और उससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी. महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने कहा कि पार्टी पुलिस की सभी शर्तों का पालन करेगी.
सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक की जिम्मेदारी
पुलिस ने आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा है. पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग इंतजाम करने होंगे. प्रवेश और बाहर निकलने के लिए पर्याप्त गेट रखने होंगे. इसके अलावा पीने का पानी, टॉयलेट, फायर सेफ्टी उपकरण और पार्किंग की व्यवस्था भी जरूरी होगी.

आयोजकों को निजी सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे. इनमें महिला सुरक्षाकर्मी भी शामिल होंगी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं. पूरे कार्यक्रम स्थल को कवर करने वाले CCTV कैमरे भी चालू रखने होंगे. ड्रोन से फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी. पुलिस, मेडिकल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए इमरजेंसी रास्ता खुला रखना होगा.
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पुणे में पहले से लागू हैं प्रतिबंध
पुणे शहर में पुलिस ने 31 अगस्त तक 14 दिनों के लिए प्रतिबंध वाले आदेश भी लागू किए हैं. इसके तहत सार्वजनिक सभाओं और पुतले जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक है. पुलिस ने आगामी त्योहारों और प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा का हवाला दिया है. हालांकि, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि यह आदेश राहुल गांधी के कार्यक्रम को रोकने के लिए जारी किया गया है.

राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों को लेकर यह अभियान 17 जून को राजस्थान के कोटा से शुरू किया था. इसके बाद देहरादून और प्रयागराज में भी कार्यक्रम किए गए. अब पुणे में होने वाला कार्यक्रम इसी अभियान की अगली कड़ी है
CM देवेंद्र फडणवीस क्या बोले?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में 22 अगस्त को होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं. नागपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह छात्रों की गूंज है या राहुल गांधी अपनी जमीन तलाश रहे हैं, यह वह नहीं जानते. फडणवीस ने दावा किया कि अगर कार्यक्रम ओपन होता तो राहुल छात्रों से खुलकर संवाद कर सकते थे, लेकिन कांग्रेस से जुड़ी शिक्षण संस्थाओं की छात्राओं को रजिस्टर कर कार्यक्रम में एंट्री देने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि ऐसे में यह कार्यक्रम एक ‘कंट्रोल्ड एनवायरमेंट’ में होगा, जहां कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े लोगों को ही बुलाने की कोशिश की जा रही है.