कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के सीवान में हालिया प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों से मुलाकात की. यह जानकारी LOP के आधिकारिक YouTube अकाउंट पर पोस्ट किए गए वीडियो के जरिए सामने आई.
बातचीत के दौरान घायल छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की. उन्होंने घटना के हालात के बारे में बताया और मुठभेड़ के दौरान लगी चोटें भी दिखाईं.
छात्रों का दावा था कि उन्होंने तत्काल कोई खतरा पैदा नहीं किया था, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया. उन्होंने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया. राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी. छात्रों ने उन्हें घटना के बारे में बताया और गोली लगने से हुई चोटों के बारे में चर्चा की. यह मुलाकात राज्य में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित सख्ती के आरोपों के बीच हुई.
राहुल गांधी ने पोस्ट कर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर कहा, 'सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी?'. उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने सरकार से सिर्फ शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही मांगी थी. राहुल गांधी के मुताबिक, एक छात्र के पैर की हड्डी AK-47 की गोली से टूट गई और सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया.
उन्होंने कहा कि दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई. राहुल गांधी ने कहा कि ये अपराधी नहीं थे, बल्कि गरीब घरों के बच्चे थे, जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे.उन्होंने आगे सवाल किया कि गोली के घाव तो भर जाएंगे, लेकिन बच्चों के भीतर बैठ गए डर का इलाज किस अस्पताल में होगा. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी, लेकिन क्या उनका टूटा हुआ सपना वापस लौटाया जा सकता है?. राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों के साथ खड़े दिख रहे हैं.