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EXCLUSIVE: स्वतंत्र भारद्वाज की FIR में जुड़ी पोक्सो एक्ट की धारा, फिर भी मिली जमानत, जानिए पूरा डिटेल्स

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई है. केस में पीछा करने, धमकी देने समेत BNS की धाराएं भी लगाई गई हैं.

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स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज .(Photo-X)
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज .(Photo-X)

जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले से चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उसके खिलाफ POCSO, BNS और IT एक्ट की धाराओं में नई FIR दर्ज की गई है. केस में नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न, पीछा करने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, आपराधिक धमकी समेत आरोप लगाए गए हैं. FIR में लगी धाराएं जमानती हैं, इसलिए इनमें तुरंत गिरफ्तारी की कानूनी बाध्यता नहीं है.

इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था. उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की सुनवाई सोमवार को संबंधित कोर्ट में होगी.

इससे पहले जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले को लेकर नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद नाबालिग पीड़िता के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे थे. इसके बाद पुलिस ने नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

FIR में लगीं 5 धाराएं, क्या हैं इनके मायने?

नई FIR में BNS, POCSO एक्ट और IT एक्ट की कुल पांच धाराएं लगाई गई हैं. इनमें हर धारा का अपना अलग मतलब है.

धारा 78 BNS- पीछा करना: किसी महिला का पीछा करने या उसकी गतिविधियों पर नजर रखने से जुड़े मामले में यह धारा लगती है. इसमें दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है. यह जमानती धारा है.

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धारा 79 BNS- महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना: किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य से जुड़ा मामला इस धारा के तहत आता है. इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है. यह भी जमानती धारा है.

धारा 351 BNS- आपराधिक धमकी: किसी व्यक्ति को धमकाने या डराने के आरोप में यह धारा लगाई जाती है. इसमें 2 साल तक की सजा हो सकती है. यह जमानती है.

धारा 12 POCSO एक्ट- बच्चे से जुड़ा यौन उत्पीड़न: यह धारा बच्चे के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में लगाई जाती है. इसमें दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की सजा हो सकती है. यह भी जमानती है.

धारा 67 IT एक्ट- ऑनलाइन अश्लील सामग्री: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से जुड़े मामलों में यह धारा लगाई जाती है. इसमें 5 साल तक की कैद के साथ 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

जंतर-मंतर की मारपीट से गरमाया था मामला

यह विवाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के बाद सामने आया था. इस घटना में संजय आजाद के साथ मारपीट का आरोप लगा था. बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर इस घटना में संजय कुमार का सिर फोड़ने की बात कहते सुनाई दिए थे. वीडियो में 60 टांके लगने का दावा भी किया गया था.

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वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया. इस बीच उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आए. चिराग पासवान ने भी कहा था कि स्वतंत्र ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है. उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत की बात कही थी.

फिलहाल, गिरफ्तारी के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. कोर्ट ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब मामले की सुनवाई संबंधित कोर्ट में सोमवार को होगी.

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