आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 साल के गाडे साई कृष्णा की हिरासत में कथित मौत के बाद माहौल गर्म है. मामले की जांच कर रही एसआईटी ने एसएचओ एसएसवीवी नागराजू समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है. इन सबके बीच सोशल मीडिया पर यूजर्स ने डिप्टी सीएम पवन कल्याण और उनके परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है.
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने डिप्टी सीएम पवन कल्याण की नाबालिग बेटियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां कीं. इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस पर अब पवन कल्याण ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने सोशल मीडिया के जरिये अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों को जमकर लताड़ लगाई है.
पवन कल्याण ने दो टूक कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब किसी को गाली देना नहीं है. उन्होंने कहा है कि ये संवैधानिक मौलिक अधिकार अपने साथ जिम्मेदारी भी लाता है. पवन कल्याण ने यह भी कहा है कि लोगों को सरकार से सवाल पूछने, उसके फैसलों की आलोचना करने और अपनी अलग राय रखने का पूरा अधिकार है.
यह भी पढ़ें: 'आंध्र को एक राजधानी चाहिए, तीन नहीं...', जगन मोहन के MAVIGUN प्लान पर जमकर बरसे चंद्रबाबू नायडू
उन्होंने साथ ही जोड़ा कि यह आलोचना सम्मानजनक और मर्यादित तरीके से कानून के दायरे में होनी चाहिए. गौरतलब है कि गाडे साई कृष्ण की कथित तौर पर हिरासत में मौत का मामला आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पवन कल्याण की नाबालिग बेटियों को निशाना बनाया जाने लगा था. कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले एक्स हैंडल्स से पवन कल्याण की बेटियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां की गईं.