आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस. जगन मोहन रेड्डी के कथित 'MAVIGUN' बयान पर तीखा हमला बोला. नेल्लोर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश के लोगों को तीन राजधानी या नए-नए नारे नहीं, बल्कि एक स्थायी राजधानी चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि जगन सरकार ने पांच साल तक राजधानी के मुद्दे पर केवल राजनीति की और इससे राज्य के हिस्से में सिर्फ अपमान ही आया है. नायडू ने आंध्र प्रदेश की अब तक कोई एक स्थिर राजधानी न होने को लेकर रोष जताया है.
हमने बिना राजधानी के झेला अपमान- चंद्रबाबू नायडू
चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'हमने बिना राजधानी के लंबे समय तक अपमान झेला. पहले उन्होंने तीन राजधानी की बात की और अब 'MAVIGUN' कह रहे हैं. मुझे खुद समझ नहीं आया कि इसका मतलब क्या है. मैं भी सबसे पूछ रहा हूं, क्या किसी को इसका मतलब समझ आया?'
उन्होंने कहा कि दुनिया के हर राज्य की एक राजधानी होती है, जिस पर वहां के लोग गर्व करते हैं. तमिलनाडु का नाम आते ही चेन्नई, कर्नाटक का नाम आते ही बेंगलुरु और तेलंगाना का नाम आते ही हैदराबाद याद आता है. लेकिन आंध्र प्रदेश के लोग यह तक नहीं बता पा रहे थे कि उनकी राजधानी कौन-सी है.
'पहले खुद करते थे अमरावती प्रोजेक्ट का समर्थन'
नायडू ने कहा, 'अगर हमारे बच्चे दूसरे राज्यों में जाते और उनसे राजधानी पूछी जाती तो वे क्या जवाब देते? जब हम कहते कि हमारे यहां तीन राजधानी हैं, तो लोग हंसते थे. हमें ऐसी स्थिति में डाल दिया गया था.'
मुख्यमंत्री ने अमरावती परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा में जगन मोहन रेड्डी ने कभी अमरावती का समर्थन करने की बात कही थी. इसके बाद करीब 29 हजार किसानों ने स्वेच्छा से 33 हजार एकड़ जमीन लैंड पूलिंग योजना के तहत राजधानी बनाने के लिए दी. लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया.
अमरावती का निर्माण रोकने के लिए रची गई साजिश- सीएम नायडू
नायडू ने आरोप लगाया कि अमरावती का निर्माण शुरू होने के बाद इसे रोकने के लिए साजिश रची गई. उन्होंने दावा किया कि उस समय गन्ने के खेतों में आग लगाई गई और बाद में इसका आरोप सरकार पर ही लगा दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सब राजधानी परियोजना को बदनाम करने के लिए किया गया.
वाईएसआर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नायडू ने कहा कि 2019 में सत्ता में आने के बाद जगन सरकार ने "तीन राजधानी" का मुद्दा उठाया, लेकिन पांच साल में कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक खेल था, जिससे राज्य के विकास को नुकसान पहुंचा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आने के बाद अमरावती को स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार से लगातार बातचीत की. उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने इस पर सहमति जताई और संसद के दोनों सदनों में इसे कानून का रूप दिया गया, लेकिन वाईएसआर कांग्रेस ने इसका समर्थन नहीं किया.
नायडू ने कहा कि निवेशकों ने भी स्पष्ट कहा था कि यदि राजधानी को स्थायी कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी तो भविष्य में कोई दूसरी सरकार आकर फिर फैसला बदल सकती है, इसलिए निवेश करना जोखिम भरा होगा. इसी वजह से उनकी सरकार ने कानूनी स्पष्टता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए.
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने वाईएसआर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले "तीन राजधानी" का प्रयोग किया गया और अब 'MAVIGUN' जैसा नया नारा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को भ्रम और राजनीतिक प्रयोगों की नहीं, बल्कि स्थिरता, भरोसे और एक मजबूत राजधानी की जरूरत है.
क्या है 'MAVIGUN'?
MAVIGUN आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री YS. Jagan Mohan Reddy की ओर से दिया गया तीन राजधानियों के लिए प्रस्तावित नाम था. इससे आंधप्रदेश की तीन राजधानियां होतीं. इनमें MA यानी मछलीपट्टनम (Machilipatnam), VI यानी कि विजयवाडा (Vijayawada) और GUN यानी कि गुंटूर (Guntur) को मिलाकर बनाया गया था.
जगन का सुझाव था कि इन तीन शहरों के लगभग 110 किलोमीटर लंबे शहरी कॉरिडोर को एकीकृत राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि विकास केवल अमरावती तक सीमित न रहे और पूरे इलाके में समान रूप से हो. हालांकि, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उनकी सरकार इस प्रस्ताव के विरोध में थे. उनका कहना है कि राज्य को केवल एक स्पष्ट और स्थायी राजधानी की जरूरत है, न कि नए नामों या वैकल्पिक मॉडल की.