दिल्ली में आगामी ब्रिक्स पार्लियामेंट्री फोरम 2026 पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को एड्रेस करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि दो दिन की इस कॉन्फ्रेंस में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों तरह की चर्चाएं शामिल होंगी. अब तक 18 देशों से सुझाव मिले हैं और उसी के हिसाब से डिस्कशन होगा.
स्पीकर ने कहा कि भारत ने एक नई पहल शुरू करते हुए 64 देशों के साथ पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स बनाए हैं. यह पहली बार है जब इतना बड़ा प्रयास किया गया है, हालांकि अतीत में भी कोशिशें हुई थीं.
हम उन देशों में इन पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स का लगातार विस्तार कर रहे हैं जहां भारत और उन देशों के बीच पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप फोरम पहले से मौजूद हैं.
स्पीकर ने बताया कि प्रधानमंत्री संसद में ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात करेंगे. हालांकि, विशेष सत्र (Special Session) को लेकर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी.
एनसीपीआई (NCPI) से जुड़े सवाल पर ओम बिरला ने कहा इस मामले पर विचार किया जा रहा है. जब दोनों पक्ष अपने दस्तावेज जमा कर देंगे, उसके बाद इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.
इम्पीचमेंट मोशन को लेकर उन्होंने बताया कि इसकी एक प्रक्रिया है और विपक्ष को उसका पालन करना चाहिए. जिस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने की प्रक्रिया होती है, ठीक उसी तरह मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की भी प्रक्रिया है.
वहीं, संसद में विपक्ष के धरने पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह भी लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संसद के अंदर तख्ती लाना और शोर मचाना मना है.