मौलाना साजिश रशीदी ने कहा है कि जबतक देश में इस्लामिक कानून नहीं आएगा, देश महफूज नहीं होगा. मौलाना रशीदी ने कहा कि इस्लामिक कानून लाना जरूरी है. तभी देश में अपराध खत्म होगा. उन्होंने कहा कि रेप करने वाले आदमी को चौराहे पर फांसी दीजिए अगले दिन देखिए सब ठीक हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि जबतक देश में इस्लामिक कानून नहीं आएगा रेप खत्म नहीं होगा, उन्होंने कहा कि रेप रोकने के लिए शरिया जरुरी है. मौलाना साजिद रशीदी ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं.
साजिद रशीदी ने कहा कि आज बच्चियों को सुरक्षित रखना आज बहुत बड़ा चैलेंज हो गया है. तीन साल की बच्ची के साथ, 5 साल की बच्ची के साथ, 60 साल की बूढ़ी औरत के साथ क्या हो रहा है. ये जो हालात हैं देश के इनमें अपनी बच्ची को महफूज रखना, ये एक बहुत बड़ा चैलेंज हो गया है.
उन्होंने कहा कि आज़ादी के नाम पर जिस तरह से बच्चों को बाहर निकालने का षडयंत्र रचा गया. जॉब के नाम पर और ये कहकर कि आप क्यों काम नहीं कर सकते, हम भी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकते हैं, हम भी हर फील्ड में आकर मर्दों का साथ दे सकते हैं. इससे दिक्कतें पैदा हुईं.
केरल के मौलाना ने भी दिया था बयान
इससे पहले केरल के एक मौलाना एपी अबूबकर मुसलियार ने कहा था कि महिलाओं को घर में ही रहना चाहिए. उन्हें सार्वजनिक मंचों पर लाने से तबाही होती है. उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं के लिए पर्दा प्रथा इसलिए लागू की थी.
उन्होंने क्या गलत कहा?
केरल के इस मौलाना के बयान का समर्थन करते हुए साजिद रशीदी ने कहा कि इन्होंने क्या गलत कहा है. उन्होंने कहा अगर आपको सेफ रहना है, तो घरों में रहो और नेचर क्या कहता है आपको? कुदरत ने जो औरत और मर्द को बनाया है, वो नेचर भी यही चाहता है कि औरत घर में बैठ के घर संभाले, बच्चों को देखे, घर को देखे, शौहर जो बाहर से पैसा कमा कर ला रहा है, उसका यूटिलाइज अच्छे से करें.”
उन्होंने कहा कि अगर औरत को सेव करना है तो इस्लाम में जो सख्त कानून है, वो लागू किया जाना चाहिए. यानी खत्म कर दिया जाये ऐसे आदमी को जो दुष्कर्म करे.