कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर सवाल किए हैं. उनका साफ कहना है कि उनकी रैली के बाद मंच की शुद्धि के नाम पर जो पाखंड किया गया, वह सीधे तौर पर छुआछूत का मामला है.
उन्होंने कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले में अभी तक स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
जेपी नड्डा को पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग
खड़गे ने इस सिलसिले में राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को एक औपचारिक पत्र भेजा है. इस पत्र में उन्होंने याद दिलाया कि जब उन्होंने संसद भवन में यह मुद्दा उठाया था, तब सदन में सभी के सामने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया गया था.
खड़गे ने कहा कि इस घटना को बीते हुए चौबीस दिन बीत चुके हैं. लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. खड़गे का यह साफ कहना है कि यह अपमान सिर्फ उनका अपना व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों दलितों के आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है.
खड़गे ने अपने पत्र में पुराने दौर का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि अंबेडकर के समय भी जातिवादी सोच वाले लोगों ने पानी के स्रोतों को शुद्ध करने के नाम पर पाखंड किया था. हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भी कुछ ऐसा ही घटिया प्रयास किया गया है. मंत्रों के उच्चारण और हवन के जरिए इस तरह की गंदी मानसिकता को बिल्कुल भी सही नहीं ठहराया जा सकता है.
खड़गे ने कहा कि ऐसे अराजक लोगों के खिलाफ कानूनन सख्त कदम उठाना बहुत जरूरी है. इससे समाज में कोई गलत मैसेज नहीं जाना चाहिए. यह मामला सीधे तौर पर देश के करोड़ों पीड़ित लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने देश के पीएम और गृह मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब भी देश में दलितों पर अत्याचार होते हैं, तब देश के शीर्ष नेता चुपचाप बैठ जाते हैं.
खड़गे ने सवाल किया कि अगर पीएम खुद इस दौर से गुजरे होते, तो शायद उन्हें इस दर्द का गहरा अहसास हो जाता. गृह मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिनकी है, वे इस मामले में कुछ नहीं बोल रहे हैं. वे देश में घटने वाली ऐसी हर शर्मनाक घटना पर पूरी तरह मौन साधे रहते हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज हुए मुकदमे की भी तीखी आलोचना की है. उनका कहना है कि राहुल गांधी लगातार देश के दलितों, महिलाओं, युवाओं और देश की बढ़ती महंगाई जैसे अहम मुद्दों को उठा रहे हैं. सरकार की नीतियों पर सवाल पूछने वाले नेता को डराने के लिए ही ऐसे झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं.
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की किसी भी दमनकारी रणनीति से डरने वाली नहीं है. खड़गे ने अंत में देश के सभी लोगों से यह अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से ऐसी सामंती और जातिवादी सोच के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें.