विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि कई भारतीय नागरिक प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा पर निकले लेकिन चीन के लिए जरूरी परमिट और वीजा न होने की वजह से वे नेपाल में फंस गए हैं. इसके बाद मंत्रालय को मदद के लिए कई गुजारिश मिली हैं.
मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि कुछ श्रद्धालु पूरी यात्रा के लिए जरूरी कागजात तैयार होने से पहले ही भारत से निकल गए. इन लोगों के पास चीन में एंट्री के लिए परमिट और वीजा नहीं था. इसी वजह से वे नेपाल में रुकने को मजबूर हो गए.
विदेश मंत्रालय ने सभी श्रद्धालुओं को साफ सलाह दी है कि जब तक यात्रा से जुड़े सभी जरूरी कागजात पूरी तरह से तैयार न हो जाएं, तब तक भारत से सफर शुरू न करें. मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई बिना पुख्ता दस्तावेज के या सिर्फ इस उम्मीद में यात्रा शुरू करता है कि आगे जाकर कागजात मिल जाएंगे, तो उसके फंसने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
यह भी पढ़ें: Kailash Manasarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा की लिस्ट जारी, ये शर्तें नहीं मानी तो सिलेक्शन रद्द!
इसके अलावा मंत्रालय ने एक और अहम सलाह दी है. श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले यह जरूर जांच लें कि उनका टूर ऑपरेटर सही तरीके से रजिस्टर्ड और अधिकृत है या नहीं. कई बार गैर-अधिकृत ऑपरेटर लोगों को यात्रा पर ले जाते हैं जिससे बाद में परेशानी होती है.
यह बयान नई दिल्ली से 27 जून को जारी किया गया है. मंत्रालय का मकसद है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें और किसी भी तरह की मुश्किल से बच सकें.