टॉलस्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई. प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RAF ने आंसू गैस के गोले छोड़े. मौके पर सुरक्षा बल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
टॉलस्टॉय मार्ग पर इससे पहले भी दो बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो चुकी है. ताजा घटनाक्रम के बाद पुलिस स्थिति को शांत करने की कोशिश में जुटी है, जबकि RAF लगातार आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है.
CJP ने भी जंतर-मंतर और उसके आसपास दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल को घेराबंदी वाले इलाके में बदल दिया गया है. पार्टी ने कहा कि जंतर-मंतर कोई जेल या सैन्य क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है. CJP ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ किया जा रहा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है.
खाना-पानी भी नहीं पहुंचने दे रही दिल्ली पुलिस- CJP
CJP ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से मांग की कि जंतर-मंतर पहुंच रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और उन्हें डराने-धमकाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए. पार्टी ने यह भी मांग की कि प्रदर्शनकारियों के लिए खाना, पीने का पानी, दवाइयां, स्वच्छता सामग्री और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही में कोई बाधा न डाली जाए तथा जंतर-मंतर के आसपास भय और घेराबंदी का माहौल खत्म किया जाए.
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि पिछले कई हफ्तों से जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले प्रदर्शन चल रहा है और इस दौरान सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि कई भ्रामक और फर्जी पोस्ट साझा किए गए, जिनका असर कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से किसी भी पोस्ट को साझा करने से पहले उसका फैक्ट चेक करने की अपील की और कहा कि दिल्ली पुलिस लगातार फर्जी खबरों का खंडन कर रही है.
डीसीपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर 20 जुलाई की हिंसा में एक युवती की मौत का दावा किया गया था, जबकि ऐसा नहीं हुआ और पुलिस ने स्पष्ट किया था कि युवती अस्पताल में भर्ती है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनेता ने भी रात में पुलिस कार्रवाई को लेकर वीडियो साझा किया, जबकि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान से चलाए जा रहे 400 से अधिक अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सोनम वांगचुक और सेना की तैनाती से जुड़े AI और डीपफेक वीडियो भी साझा किए गए. डीसीपी ने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है.