ब्रिक्स समिट से पहले भारत-चीन के बीच बड़ी वार्ता हो रही है. अरुणाचल प्रदेश में रविवार को दोनों देशों के सैन्य कमांडर LAC पर आमने-सामने हैं. सूत्रों के मुताबिक, बातचीत में सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के साथ किसी भी तनाव को बढ़ने से रोकने पर चर्चा हो सकती है.
यह पहली बार है, जब पूर्वी सेक्टर में भारत-चीन के कोर कमांडर स्तर के अधिकारी इस तरह की बैठक कर रहे हैं. यह बैठक अरुणाचल प्रदेश के वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हो रही है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय पक्ष की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया कर रहे हैं. वह चीन के अपने समकक्ष से बातचीत करेंगे.
अरुणाचल में क्यों अहम है ये बैठक
भारत-चीन के बीच सीमा पर लंबे समय से कई जगहों को लेकर मतभेद रहे हैं. इसी वजह से कभी-कभी सीमा पर तनाव की स्थिति बन जाती है. हाल के दिनों में भी इस इलाके से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत हुई है. अब कोर कमांडर स्तर की बैठक उसी बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश है. मकसद यह है कि सीमा पर सामने आने वाले मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सके. इससे किसी छोटी घटना के बड़ा विवाद बनने का खतरा भी कम हो सकता है.
डोभाल-वांग यी की मुलाकात के बाद बैठक
यह बातचीत 25 अगस्त को बीजिंग में हुई डोभाल-वांग यी वार्ता के कुछ दिन बाद हो रही है. उस बैठक में भारत और चीन ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर जल्द ठोस प्रगति की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी. दोनों पक्षों ने ऐसी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया था, जिससे सीमा पर होने वाली घटनाएं आगे चलकर तनाव का रूप न लें. अब सैन्य स्तर की यह बैठक उसी प्रयास की अगली कड़ी के तौर पर देखी जा रही है.
दो नई सैन्य हॉटलाइन से जुड़ेगा संपर्क
सीमा पर किसी भी गलतफहमी को फौरन दूर करने के लिए दो नई सैन्य हॉटलाइन शुरू करने पर सहमति बनी है. यह सीधी फोन लाइन भारतीय सेना की ईस्टर्न और सेंट्रल कमान को सीधे चीनी कमान से जोड़ेगी.
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरहद पर अगर कोई तनातनी होती है, तो दोनों तरफ के कमांडर सीधे फोन पर बात करके मसले को सुलझा सकेंगे. संदेश पहुंचने में देरी नहीं होगी और विवाद बढ़ने से पहले ही थम जाएगा.
ब्रिक्स से पहले बातचीत पर नजर
भारत में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने वाला है. नई दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की उम्मीद है. ऐसे समय में भारत-चीन के सैन्य कमांडरों की यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से भी अहम है.
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि अरुणाचल में होने वाली बातचीत से LAC पर चल रहे मुद्दों को सुलझाने की दिशा में क्या रास्ता निकलता है.