इंडिया ब्लॉक ने नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक सार्वजनिक 'इम्पीचमेंट' किया. इस कार्यक्रम में विपक्ष की कई पार्टियां शामिल हुईं. कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुआ. इसे संसद की कार्यवाही की तरह आयोजित किया गया.
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता की, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश किया. अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया. राहुल गांधी ने कार्यक्रम के अंत में अपनी बात रखी.
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. विपक्ष का यह विरोध मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर है. यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण इसे टाल दिया गया था. बाद में इसे 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले एक तरह के 'कर्टन रेजर' के तौर पर आयोजित किया गया.
राहुल गांधी ने लगाए आरोप
लोकसभा चुनाव और वोटर लिस्ट पर राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि 13.1 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. यह देश के हर सात में से एक व्यक्ति और करीब 15 फीसदी वोटरों के बराबर है. राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया का समर्थन किया.
राहुल गांधी के मुताबिक जिन 13.1 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, वे पिछले लोकसभा चुनाव में वोट डाल रहे थे. यानी हर सात में से एक भारतीय का नाम कट गया है, जो करीब 15 फीसदी मतदाता बनते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत-हार का अंतर सिर्फ 3 फीसदी था.
राहुल ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आयोग इन मतदाताओं को अवैध बता रहा है, तो 2024 का चुनाव भी अवैध माना जाना चाहिए. वजह यह है कि उस चुनाव में यही लोग वोट दे रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया का समर्थन करते हैं. उनके मुताबिक शाम करीब 6:50 बजे 250 सांसद ज्ञानेश कुमार के सार्वजनिक महाभियोग पर चर्चा कर रहे थे. पूरा विपक्ष राज्यसभा के एक नेता के बगीचे में बैठकर इस पर बात कर रहा था. राहुल ने कहा कि विपक्ष के लिए हर संस्थागत रास्ता बंद हो चुका है और उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा. उन्होंने इसे संविधान के प्रति पवित्र कर्तव्य बताया.
राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को जाना ही पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों ने यह खेल कानूनी दायरे से बाहर ले जाकर चुनावों में धांधली की है. उनके शब्दों में वे सिर्फ एक औजार हैं और विपक्ष उन्हें हटाकर रहेगा. राहुल ने संस्था की आड़ में छिपने वालों को निशाने पर लिया और कहा कि यह देश की जनता को इंसाफ दिलाएगा.
सीधा हमला करते हुए राहुल ने कहा कि हम आपको बचकर निकलने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक हथियार दिल्ली की सड़कों पर रखा गया है. राहुल का आरोप है कि चुनावों में धांधली और सीबीआई व ईडी का दुरुपयोग जारी रह सकता है. लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह सब अस्थायी है. उन्होंने कहा कि देश के नौजवान ज्ञानेश कुमार को माफ नहीं करेंगे. आखिर में राहुल ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को लगता है कि शाह और मोदी उन्हें बचा लेंगे, तो कोई भी सुरक्षा कवच काम नहीं आएगा.
बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 'वोट चोरी' के आरोप पर निशाना साधा. संबित पात्रा ने कहा कि खड़गे जी जब वोट चोरी की बात कर रहे थे, तो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि वोट चोरी की बात में सच्चाई है. उन्होंने दावा किया कि भारत में वोट चोरी हुई थी और यह गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री चुनने के लिए बैलेट बॉक्स में वोट डाले थे, लेकिन उन वोटों को चुराकर पंडित जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने. संबित पात्रा ने नेहरू को 'निर्वाचित नहीं हुए प्रधानमंत्री' बताया.
चुनाव आयुक्त पर विपक्ष के आरोप
इंडिया ब्लॉक की कार्यवाही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ये छह आरोप लगाए गए हैं:
चुनावों में धांधली की साजिश रचने का आरोप.
13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप.
संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने का आरोप.
ECINET के जरिए मतदाता सूची पर कब्जा करने का आरोप.
दो अन्य चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप.
मोदी और शाह के कहने पर काम करने का आरोप.
खड़गे ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. खड़गे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देश पर चला रहे हैं.
खड़गे ने कहा कि सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव दिया था. हालांकि, उनके नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लाया गया प्रस्ताव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था की गरिमा की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. उनका उद्देश्य है कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से काम करे, ताकि आम लोगों का उस पर भरोसा कायम रहे. खड़गे ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग अधिकार दिल्ली में बैठे किसी व्यक्ति द्वारा कंप्यूटर के जरिए चुपचाप न हटाए जा सकें.