भारत की दूसरी और यूपी की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शनिवार को उद्घाटन हो चुका है. यह ट्रेन वाराणसी से दिल्ली के बीच चलेगी और सिर्फ 9.30 घंटे में पहुंचा देगी. यह ट्रेन शाम के समय चलेगी और सुबह पहुंचाएगी, जिससे यात्रियों का सफर सोकर गुजरेगा.
इस ट्रेन के चलने से वाराणसी से दिल्ली के बीच 55 मिनट का समय कम हो जाएगा, जबकि दिल्ली वाराणसी के बीच 35 मिनट का समय घट जाएगा. यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है और यात्रियों के हरेक सर्विस का खास ख्याल रखा गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जिससे अगली पीढ़ी की ट्रेन सेवा को एक और प्रमुख रूट तक विस्तार कर दिया गया है.
कहां-कहां रुकेगी ये ट्रेन?
नई सर्विस वाराणसी को देश की राजधानी से जोड़ेगी. रास्ते में यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में रुकेगी, जिससे कई जरूरी शहरी सेंटर और आस-पास के ज़िले जुड़ेंगे. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से 20.50 बजे निकलेगी और अगली सुबह 06.10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में, यह नई दिल्ली से 21.40 बजे निकलेगी और अगले दिन 7.10 बजे वाराणसी पहुंचेगी.
इतना समय घट जाएगा
अभी की शिव गंगा एक्सप्रेस के मुकाबले, इस नई सर्विस से वाराणसी से नई दिल्ली का ट्रैवल टाइम 55 मिनट और नई दिल्ली से वाराणसी का ट्रैवल टाइम 35 मिनट कम हो जाएगा.
हफ्ते में कितने दिन चलेगी वाराणसी-दिल्ली स्लीपर
यह ट्रेन हफ़्ते में छह दिन चलेगी, वाराणसी से शुरू होने वाली सर्विस के लिए शुक्रवार और नई दिल्ली से शुरू होने वाली सर्विस के लिए शनिवार को छोड़कर, बाकी सभी दिन संचालित होगी. इसके ओवरनाइट शेड्यूल से यात्री शाम को निकलकर अगली सुबह अपने डेस्टिनेशन पर पहुंच सकते हैं.
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस दूरी और यात्रा का समय
ट्रेन में 16 कोच होंगे और इसमें तीन क्लास की सुविधा होगी. थर्ड AC, सेकंड AC और फर्स्ट AC जैसे कोच इसमें शामिल किए गए हैं. यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच 760 km की दूरी नौ घंटे 30 मिनट में तय करेगी.
ट्रेन के शेड्यूल के अनुसार, ट्रेन नंबर 27421 वाराणसी से रात 8.50 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 5.55 बजे दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 27422 नई दिल्ली से रात 9.40 बजे चलेगी और अगली सुबह 6.45 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया
अभी तक इसके किराये पर कोई अपडेट नहीं दिया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन रूटों पर चलने वाली सभी ट्रेनों की तुलना में इसका किराया थोड़ा ज्यादा होगा. यहां तक की वंदे भारत चेयर कार तक के किराए से भी इस ट्रेन का किराया अधिक होगा.
रेलमंत्री ने अंदर से दिखाई इस ट्रेन की झलक
वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सर्विस से यात्रियों को मिलने वाली सुविधा के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने इसके अंदर से एक झलक दिखाई और बताया कि यात्रियों के लिए किन-किन सुविधाओं का ध्यान रखा गया है.
काशी स्टेशन की खूबियां
उन्होंने काशी स्टेशन के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तरी और दक्षिणी दोनों तरफ बड़ी सुविधाओं के साथ इसे डिजाइन किया गया है, जिसमें एक बहुत बड़ा वेटिंग एरिया है, जो लगभग एक फुटबॉल मैदान के साइज का है, जिसमें एक साथ 50,000 से ज़्यादा यात्री बैठ सकते हैं. इसके अलावा, स्टेशन का दक्षिणी हिस्सा काशी विश्वनाथ मंदिर से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर है. इससे देश और दुनिया भर से आने वाले भक्त और तीर्थयात्री आसानी से मंदिर और काशी के मशहूर घाटों तक पहुंच सकेंगे. यह जगह एक बड़ा रेलवे और ट्रांसपोर्ट हब बनने वाली है.