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आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका को मिल सकता है तीसरा सेवा विस्तार, बन सकते हैं सबसे लंबे कार्यकाल वाले निदेशक

इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर तपन कुमार डेका को सरकार तीसरी बार सेवा विस्तार दे सकती है. ऐसा होने पर वे आईबी के सबसे लंबे समय तक रहने वाले चीफ बन जाएंगे. 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी डेका जून 2022 से इस पद पर हैं और उनका कार्यकाल पहले भी दो बार बढ़ाया जा चुका है.

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राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच आईबी निदेशक तपन कुमार डेका के कार्यकाल विस्तार पर मंथन तेज है (File Photo: ITG)
राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच आईबी निदेशक तपन कुमार डेका के कार्यकाल विस्तार पर मंथन तेज है (File Photo: ITG)

देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी के डायरेक्टर तपन कुमार डेका को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल सकता है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह उनका तीसरा एक्सटेंशन होगा. अगर कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी यानी एसीसी से इसे मंजूरी मिल जाती है तो तपन डेका आईबी के इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक चीफ रहने वाले अधिकारी बन जाएंगे.

तपन कुमार डेका 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से आते हैं. वे जून 2022 से इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर के पद पर काम कर रहे हैं. इससे पहले उनका कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है. पहली बार जून 2024 में उनका एक्सटेंशन मिला था और फिर जून 2025 में दोबारा उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब सरकार तीसरी बार उनका कार्यकाल बढ़ाने पर विचार कर रही है.

सरकार से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि देश में सुरक्षा से जुड़े हालात लगातार बदल रहे हैं और ऐसे समय में तपन डेका का अनुभव काम आ सकता है. इसी वजह से उनका कार्यकाल फिर बढ़ाने पर सोचा जा रहा है. 

डेका के कार्यकाल के दौरान आईबी ने आतंकवाद रोकने के काम में, नॉर्थ-ईस्ट में उग्रवाद रोकने की कोशिशों में और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है.

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सूत्रों ने यह भी बताया कि डेका के कार्यकाल में बांग्लादेश से होने वाली गैरकानूनी घुसपैठ को रोकने, आतंकी मॉड्यूल को तोड़ने और अलग अलग सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. उनके कार्यकाल में खुफिया जानकारी साझा करने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के काम पर भी जोर दिया गया है.

यह एक्सटेंशन ऐसे समय में सामने आ रहा है जब देश के सामने कई नई तरह की सुरक्षा चुनौतियां हैं. इनमें साइबर हमलों का खतरा, ड्रोन के जरिए घुसपैठ, सीमा पार से कट्टरपंथ फैलाने की कोशिशें और आतंकी नेटवर्क द्वारा नई तकनीक का इस्तेमाल जैसी बातें शामिल हैं. सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि लीडरशिप में लगातार बने रहने से एजेंसी इन नई चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकती है.

अभी इस पर औपचारिक आदेश एसीसी की मंजूरी के बाद ही जारी होगा. अगर यह मंजूरी मिल जाती है तो तपन डेका आईबी के अब तक के सभी डायरेक्टरों से ज्यादा समय तक इस पद पर रहने वाले अधिकारी बन जाएंगे. यह बहुत कम देखने को मिलता है कि किसी एक अधिकारी को लगातार तीन बार सेवा विस्तार मिले, खासकर तब जब वह देश की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसियों में से एक का मुखिया हो.

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