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रिजिजू ने दिलाई इमरजेंसी की याद, अखिलेश बोले- तब भी परिवर्तन हुआ था और अब भी होगा

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान इमरजेंसी को लेकर किरेन रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई. रिजिजू के तंज पर अखिलेश ने कहा कि इमरजेंसी के बाद भी परिवर्तन हुआ था, अब भी होगा.

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किरेन रिजिजू के सावल पर अखिलेश यादव ने दिया जवाब (Photo: Sansad TV via PTI)
किरेन रिजिजू के सावल पर अखिलेश यादव ने दिया जवाब (Photo: Sansad TV via PTI)

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला.संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के तंज पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इमरजेंसी के बाद भी देश में बड़ा बदलाव हुआ था, आगे भी ऐसा ही होने वाला है. इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती में गड़बड़ी समेत पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा.

बता दें कि लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर पहले छह घंटे चर्चा तय थी. विपक्ष ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर ज्यादा समय मिलना चाहिए. इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार 10 घंटे तक भी चर्चा के लिए तैयार है. जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की सहमति लेने के बाद चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया.

रिजिजू के सवाल पर अखिलेश का जवाब

सदन में अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने चेताया कि नाराज नौजवान सरकार के लिए आपदा बन सकते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2024 में भी कानून लाया गया था तो फिर पर्चा लीक क्यों हुआ? इस बात पर किरेन रिजिजू ने तुरंत बीच में टोकते हुए पूछा कि आंदोलन होने के बाद कानून बनाना बेहतर है या आंदोलन को दबाने के लिए देश में इमरजेंसी लगा देना सही है?

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इस पर अखिलेश यादव ने तुरंत जवाब दिया, "हमने इमरजेंसी नहीं देखी, लेकिन दिल्ली की सीमाओं पर आंसू गैस के गोले, कीलें बिछाने का दृश्य देखा है. वह मंजर भी किसी इमरजेंसी से कम नहीं था. अगर आपको इमरजेंसी याद आ गई है, तो यह भी याद रखिए कि उसके बाद परिवर्तन हुआ था. इस बार भी परिवर्तन होकर रहेगा."

शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल

अखिलेश यादव ने सरकार पर प्राथमिक शिक्षा को चोट पहुंचाने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1 लाख से ज्यादा प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. यूपी की 69 हजार शिक्षक भर्ती का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का हक छीना गया. 

इस दौरान, नीट परीक्षा के चलते जिन छात्रों की जान गई, अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी.

'प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री बचा लिया'

अपने भाषण में अखिलेश यादव ने सरकार पर राजनीतिक हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया. इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया." उनका इशारा शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव की तरफ था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन में उन मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जिन पर पहले ही सहमति बन चुकी है.
 

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