जम्मू-कश्मीर के कठुआ में खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक को पुलिस ने अरेस्ट किया है. जांच के दौरान उसके पास से मिला पहचान पत्र फर्जी निकला. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से लोगों को झांसा दे रहा था और उसके पीछे मकसद क्या था.
दरअसल, कठुआ पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों के बीच पहचान बना रहा है. जांच शुरू हुई और संदिग्ध युवक की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि आखिर वह कौन है और क्या सचमुच किसी सरकारी एजेंसी से जुड़ा हुआ है.
गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध युवक दोपहिया वाहन पर इलाके में घूम रहा है. इसके बाद पुलिस टीम ने उसे रोक लिया. पहले सामान्य पूछताछ हुई. फिर पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए. युवक ने कॉन्फिडेंस के साथ आइडेंटिटी कार्ड दिखाया. पुलिस ने कार्ड को देखा और वेरीफिकेशन शुरू किया. जांच में सामने आया कि जिस कार्ड के दम पर युवक खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बता रहा था, वह फर्जी था.
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की पहचान अंकुश के रूप में हुई है, जो कठुआ जिले का रहने वाला है. शुरुआती जांच में पता चला कि वह लोगों से खुद को IB अधिकारी बताकर परिचय देता था. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वह ऐसा सिर्फ प्रभाव जमाने के लिए कर रहा था या फिर इसके पीछे कोई और मकसद भी था.
आखिर क्यों बन रहा था IB अफसर?
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने फर्जी पहचान पत्र कहां से बनवाया. क्या उसने किसी सरकारी दफ्तर, निजी संस्था या आम लोगों को प्रभावित करने के लिए यह पहचान बनाई थी? क्या उसने इस पहचान के जरिए किसी तरह का फायदा उठाया? इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है.
फिलहाल पुलिस ने अंकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. उसके मोबाइल फोन, दस्तावेजों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि फर्जी IB अधिकारी बनकर घूम रहे इस युवक का असली मकसद क्या था.