चंबा
चंबा (Chamba) भारत में हिमाचल प्रदेश राज्य का उत्तर-पश्चिमी जिला है (District of Himachal Pradesh), जिसका मुख्यालय चंबा शहर में है. डलहौजी, खज्जियार और चुराह घाटी के शहर उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों के लोगों के लिए लोकप्रिय हिल स्टेशन हैं जो होलीडे स्पॉट है (Chamba Hill Station).
जिले के अधिकांश लोग हिमाचली बोलते है, इनमें मुख्य रूप से चंबेलिक शामिल हैं (Chamba Languages).
चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में किलाड़-उदयपुर सड़क मार्ग पर कडू नाला के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से एक सूमो टैक्सी उसकी चपेट में आ गई. हादसे में 6 माह के मासूम समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं. पुलिस और बचाव दल मौके पर राहत कार्य में जुटे हैं.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से एक सूमो टैक्सी दब गई. हादसे में 6 माह के शिशु समेत 13 लोगों की मौत हुई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं. राहत एवं बचाव कार्य जारी है. पांगी-भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
पुंछ में फ्लैश फ्लड से 10 मौतें हुई है. सुरनकोट में एक परिवार के 6 सदस्य समेत 9 लोगों की जान गई. चंबा में भूस्खलन से सड़क बंद है. अमित शाह ने हर तरह की मदद का भरोसा दिया.
Chamba Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से सलूणी क्षेत्र की ग्राम पंचायत लनोट और आसपास के गांवों में भारी नुकसान हुआ है. वहीं, चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पंगोला नाली के पास मलबा गिरने से रास्ता बंद है, जिससे 25 पंचायतों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बड़ा हादसा हो गया. यहां रविवार सुबह चुराह उपमंडल में एक कार करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिससे उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं. उरेई-सांबरा मार्ग पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो महिलाओं और चालक समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई. हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है.
चंबा-मसरूंड मार्ग पर एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया, जिससे वाहन में सवार एक ही परिवार के तीन महिलाओं, 3 पुरुषों और ड्राइवर समेत कुल सात लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई. चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर कार गहरी खाई में गिर गई. हादसे में दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं.
पांच दिन पहले इस घर में छुट्टियों की बातें हो रही थीं. बच्चों ने शायद अपने बैग खुद पैक किए होंगे. मां ने रास्ते के लिए कुछ जरूरी सामान रखा होगा. फिर एक रात आई... हिमाचल की एक खाई ने सब कुछ निगल लिया. और अब, पांच दिन बाद, उसी घर के बाहर चार एंबुलेंस खड़ी थीं. एक में बेटा था, दूसरी में बहू, और बाकी दो में वे पोते, जिनके लौटने का इंतजार पूरा गांव कर रहा था.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 29 मई को हुए भीषण सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. बैरागढ़ साच पास किलाड़ मार्ग पर एक कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें कुल आठ लोगों की जान गई. मृतकों में बेंगलुरु में कार्यरत आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची और दो बेटे शामिल थे. परिवार अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद घूमने निकला था.
गर्मियों में अगर आप भी शिमला-मनाली की भीड़ और ट्रैफिक से बचकर किसी शांत और खूबसूरत जगह पर घूमना चाहते हैं तो देश के कुछ ऑफबीट हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं. यहां आपको ठंडा मौसम, हरियाली, सुकून भरा माहौल और प्रकृति के शानदार नजारे एक साथ देखने को मिलेंगे.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में साच पास मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में चालक समेत आठ लोगों की मौत हो गई. बेंगलुरु और अन्य राज्यों से आए दो पर्यटक परिवार टैक्सी से साच पास घूमने गए थे. लौटते समय कालाबन के खतरनाक मोड़ पर वाहन गहरी खाई में गिर गया. जीपीएस के जरिए वाहन का पता चलने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे, लेकिन सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक गाड़ी गहरी खाई में गिर गई जिसमें दो बच्चे, दो दंपत्ति समेत आठ लोग लापता हैं. ये हादसा बैरागढ़ साच-पास-किलाड़ मार्ग पर कालाबन के पास हुआ. बेंगलुरु और छत्तीसगढ़ से आए पर्यटक डलहौजी में टैक्सी शेयर करके सैर पर निकले थे. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने का आश्वासन दिया है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में चुराह सब-डिवीजन के बैरगढ़-सच पास-किलर सड़क मार्ग पर एक कार के करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई. हादसा शुक्रवार देर रात हुआ, जिसकी जानकारी शनिवार दोपहर मिली.
हिमाचल के चंबा के ककीरा में दर्दनाक हादसा हो गया. यहां गुजरात से आए पर्यटकों का वाहन गहरी खाई में गिर गया. जिससे 6 पर्यटकों की मौत, चार गम्भीर रूप से घायल हो गए. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक दर्दनाक हादसे में छह पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. जानकारी के मुताबिक पर्यटक ककीरा क्षेत्र से गुजर रहे थे. इसी दौरान पहाड़ी रास्ते पर मोड़ के पास ड्राइवर गाड़ी से कंट्रोल खो बैठा. और गाड़ी सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे.
चंबा जिले के चुराह उपमंडल में आज (सोमवार) जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ है. चांजू ग्राम पंचायत के चुरसियो इलाके में अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर इलाके में अचानक हुए लैंडस्लाइड में पांच करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सिंयूर पुल टूट गया है. हालांकि, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि पुल के नीचे कोई कामगार या वाहन मौजूद नहीं था.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पारिवारिक विवाद के बाद एक व्यक्ति द्वारा पत्नी की कथित हत्या और फिर खुदकुशी का मामला सामने आया है. घटना लोटहाल गांव की है. पुलिस के अनुसार तीखी बहस के दौरान पत्नी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. अगले दिन दोनों के शव बरामद हुए. मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है. जहां ट्रेकिंग के लिए दो युवक गए थे और दोनों चचेरे भाई थे. इस दौरान वे अपने कुत्ते को भी साथ लेकर गए थे. लेकिन भारी बर्फबारी में दोनों की मौत हो गई.
हिमाचल प्रदेश के चमेरा डैम में पानी न होने की वजह से तीन महीने से बारिश न होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई है. डैम में हजारों लकड़ियां तैरती हुई मिलने से जल संकट और बढ़ गया है. स्थानीय प्रशासन को जल संरक्षण के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे ताकि आगामी समय में जल की कमी न हो और पर्यावरण का संतुलन बना रहे.